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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे : 24 घंटे में और सात जगह धंसी सड़क

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फोटो-24- बेहटा गांव के सामने धंसी सड़क की जांच करते एनएचएआई के पीडी नवरतन व अन्य अधिकारी। संवाद
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उन्नाव। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क शुक्रवार को और सात जगह बैठ गई। हालत है कि जहां पहले पैचवर्क कराया जा चुका है उसके पास ही नई जगह सड़क फट रही है। वहीं आजाद मार्ग से बनी टोल तक 28 और स्थानों पर जर्क हो गए हैं। शुक्रवार को एनएचएआई के नवागत पीडी नवरतन ने ग्रीन फील्ड क्षेत्र में 45 किलोमीटर का निरीक्षण किया। वह तीन घंटे तक एक्सप्रेसवे पर रहे।
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वहीं एनआईटी की टीम ने 18 अलग-अलग स्थानों से सड़क, मिट्टी और कंक्रीट के सैंपल लिए। रविवार को धंसी 200 मीटर सड़क की छठे दिन मरम्मत पूरी हो गई, हालांकि अभी इसपर यातायात शुरू नहीं किया गया और भारी वाहनों के आवागमन पर लगातार दूसरे दिन रोक रही। के निर्माण में हुई लापरवाही और जगह-जगह धंस रही सड़क, मुसाफिरों के लिए मुसीबत बनी है।
लोकार्पण के 17वें दिन से ही दम तोड़ने लगी कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क बृहस्पतिवार तक 46 जगह धंस चुकी है। कानपुर से लखनऊ तक 63 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की हर एक किलोमीटर सड़क बनाने पर 66 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। कुल 4200 करोड़ रुपये से बना यह एक्सप्रेसवे लगातार धंसने से इन दिनों देश भर में सुर्खियों में है। एनएचएआई और पीएनसी के बिना ब्रेक, 120 किलोमीटर की रफ्तार से वाहन चलने के दावे भी सड़क की तरह खोखले साबित हो गए हैं।
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शुक्रवार को एक्सप्रेसवे किलोमीटर संख्या 64 बेहटा के पास धंसी 200 मीटर सड़क की मरम्मत पांच दिन बाद पूरी हो पाई। वहीं इसी जगह पर किलोमीटर संख्या 64.4 पर दस मीटर और 65,1 पर 15 मीटर सड़क धंस गई है। वहीं किलोमीटर संख्या 46.8 से 47 के बीच मंगतखेड़ा के पास 15 मीटर सड़क धंस गई। इसकी तीसरी बार मरम्मत कराई गई। कांथा गांव के पास किलोमीटर संख्या 39.7 पर पचास मीटर सड़क धंसी। किलोमीटर संख्या 30.7 बेगमखेड़ा के पास सोमवार को 10 मीटर सड़क धंस गई थी। किलोमीटर संख्या 68.8 करौंदी गांव के पास बीस मीटर पैचवर्क भी उखड़ गया। किमी संख्या 31 सहरावां के पास भी करीब आठ मीटर सड़क धंस गई। यहां खोदाई करके नए सिरे से मरम्मत कराई जा रही है।
नवागत पीडी नवरतन कुमार सुबह दस बजे यहां पहुंचे और बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने जांच कर रही एनआईटी की टीम से भी बात की। प्रथम दृष्टया सड़क की ऊपरी परत चटकने और बारिश का पानी जाने की वजह सामने आने की बात बताई। हालांकि पूरी सच्चाई जांच रिपोर्ट से ही सामने आने की बात कही।

फोटो-24- बेहटा गांव के सामने धंसी सड़क की जांच करते एनएचएआई के पीडी नवरतन व अन्य अधिकारी। संवाद

फोटो-24- बेहटा गांव के सामने धंसी सड़क की जांच करते एनएचएआई के पीडी नवरतन व अन्य अधिकारी। संवाद

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