उन्नाव। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। लापरवाही बरतने वाले कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) और एक आशा कार्यकर्ता को तत्काल बर्खास्त करने का आदेश दिया।
कलक्ट्रेट में बैठक करते हुए जिलाधिकारी ने एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। सीएमओ को निजी अस्पतालों में डिलिवरी रोकने के लिए आशा-संगिनी पर नजर रखने और गहन चेकिंग करने को कहा। संचारी रोगों के घर-घर सत्यापन और उपचार व छूटे हुए बच्चों के टीकाकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी राजकीय चिकित्सालयों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य कर्मियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में बिछिया ब्लॉक के घूरखेत में तैनात सीएचओ शिवांगी सिंह उपकेंद्र डीह में तैनात आशा कार्यकर्ता शैल सिंह को कार्यों का ठीक तरीके से निर्वहन न करने की बात सामने आई। पिछले कई महीनों से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने और कई बार चेतावनी के बाद भी उपस्थित न होने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और दोनों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का निर्देश दिया।
वहीं नवाबगंज व हसनगंज एमओआईसी के स्वास्थ्य विभाग के सभी इंडिकेटरों पर खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने छूटे हुए पात्र व्यक्तियों के गोल्डन कार्ड बनाने का भी निर्देश दिया। कहा आशा और संगिनी का वेतन का भुगतान 10 तारीख तक अवश्य हो जाए। सीडीओ कृतिराज, पीडी तेजवंत सिंह, डीडीओ देव चतुर्वेदी, एसीएमओ डॉक्टर जेआर सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।