उन्नाव। थाना गोशाला में संरक्षित मवेशियों की देखभाल में लापरवाही पर 14 गोवंश की मौत बाद गोशाला संचालन करने वाले एनजीओ पर प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर सीवीओ और डिप्टी सीवीओ में बहस हो गई। बाद में डिप्टी सीवीओ ने सीने में दर्द की शिकायत की तो जिला अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती इलाज के बाद उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि थाना गोशाला का संचालन गैर सरकारी संगठन पूजा सहकारी श्रम संविदा एवं निर्माण समिति लखनऊ कर रही है। बुधवार इस गोशाला में कई मवेशी मृत मिले थे और चारा-पानी, छाया में भी लापरवाही सामने आई धी। सीवीओ के अनुसार एनजीओ पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने उन्हें निर्देश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में डिप्टी सीवीओ हरिओम सिंह को एनजीओ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया। काफी देर तक बहस करते रहे। इस पर जब उनसे कहा कि डीएम का निर्देश भी नहीं मानेंगे तो उनके (डिप्टी सीवीओ के) खिलाफ लिखेंगे। कुछ देर बाद डिप्टी सीवीओ ने सीने में दर्द की बात बताई तो कर्मचारियों ने जिला अस्पताल पहुंचाया। हार्ट अटैक के लक्षण होने पर डॉक्टरों ने दवा दी और कानपुर रेफर कर दिया।