फोटो-22- कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का होता काम। संवाद
नवाबगंज। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने में निर्माण एजेंसी को 36 घंटे लग गए। बुधवार सुबह शुरू हुआ काम बृहस्पतिवार देर शाम तक पूरा हो गया। अधिकारियों का दावा है कि अब एक्सप्रेसवे पूरी तरह ठीक है और यातायात के लिए कहीं कोई समस्या नहीं है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का 13 जुलाई को लोकार्पण हुआ था। लेकिन 17 दिन के अंतराल में दो बार सड़क टूट गई। बीते रविवार को कोरारी पास-पास दस मीटर सड़क धंसने की घटना के चौथे दिन ही बुधवार को असोहा ब्लॉक के बेगमखेड़ा गांव के सामने कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन की करीब दो मीटर चौड़ाई में दस मीटर सड़क उखड़ गई थी। मंगलवार रात से यातायात प्रभावित होने लगा तो निर्माण एजेंसी पीएनसी ने बुधवार सुबह से एक लेन को बंद करके मरम्मत शुरू कराई। सड़क की ऊपरी परत को खोदने और गीली मिट्टी को हटाकर सीमेंट और कंक्रीट भरने के बाद रोलर चलाने के बाद सड़क की नई परत बिछाई गई। मरम्मत का काम पूरा करने में 36 घंटे लग गए। इस दौरान इस हाईस्पीड एक्सप्रेसवे पर कोई हादसा न हो इसके लिए दो किमी पहले से यातायात को डायवर्जन किया गया था।
वर्जन...एक्सप्रेसवे में पहली बारिश में कुछ स्थानों पर पानी जाने से मिट्टी बैठने की समस्या आती है। चौबीसों घंटे काम कराकर मरम्मत पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही पेट्रोलिंग टीमों को भी और सतर्कता बरतने व सड़क की स्थिति पर नजर के निर्देश दिए गए हैं। अब यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह ठीक और यातायात के लिए सुरक्षित है।
विजय एस कुंडू, प्रोजेक्ट मैनेजर पीएनसी