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Unnao News: बारिश से कई जगह मिट्टी बही, सेफ्टी ग्रिल और फेंसिंग टूटी

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उन्नाव। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (एनई-6) का लोकार्पण 13 जुलाई को होना है लेकिन इसके पहले ही बारिश ने कई खामियां उजागर कर दीं। कई जगह स्लोप की मिट्टी कट गई है और सड़क किनारे की मिट्टी धंस गई है। इसके अलावा कई स्थानों पर सेफ्टी ग्रिल और फेंसिंग टूट गई है। इससे मवेशियों के एक्सप्रेसवे पर पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि एनएएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि लोकार्पण से पहले इसे पूरी तरह से ठीक कर लिया जाएगा।
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (एनई-6) की कुल लंबाई 63 किलोमीटर है। इसमें 43 किलोमीटर उन्नाव जोन-2 में और 18 किलोमीटर लखनऊ जोन-1) फरवरी में काम पूरा होने के बाद से लोकार्पण के इंतजार में इसे जनता के लिए नहीं खोला जा सका। कई बार लोकार्पण कार्यक्रम टलने के बाद अब 13 जुलाई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री निकिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों लोकार्पण की तैयारी है। जिले के औसतन पांच हजार वाहन चालक महज 45 मिनट में लखनऊ पहुंच सकेंगे लेकिन शुरुआती चरण में खतरे भी कम नहीं होंगे।
चार महीने पहले बनकर तैयार एक्सप्रेसवे की सेफ्टी ग्रिल कई जगह टूट गई है। इससे मवेशियों के सड़क पर पहुंचने का खतरा है। बारिश की वजह से मंगतखेड़ा के आसपास करीब 12 किलोमीटर में छह स्थानों पर सड़क की पटरी कट गई है। हालांकि निर्माण एजेंसी पीएनसी की टीमें तैयारियां पूरी करने में जुटी हैं और 13 जुलाई से पहले इसे पूरी तरह सुरक्षित करने की बात कह रही हैं।
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फोटो-6-एक्सप्रेसवे पर कांथा गांव के पास बना कंट्रोलरूम
ट्रॉमा सेंटर की सुविधा वाला प्रदेश का पहला एक्सप्रेसवे
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रदेश का पहला एक्सप्रेसवे है जिसमें दस बेड का ट्रॉमा सेंटर भी बनाया गया है। इसके अलावा फूड प्लाजा, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग सेंटर, प्रसाधन, एंबुलेंस आदि सुविधाएं मिलेंगी। लखनऊ और सोहरामऊ के बीच बनाए गए ट्रॉमा सेंटर में आठ मेडिकल स्टाफ के अलावा सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरण लगाए गए हैं।
एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा के लिए दो एंबुलेंस, दो क्रेन, चार गश्ती वाहन, वाहनों और वाहन चालकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए असोहा के कांथा गांव के पास कंट्रोलरूम बनाया गया है। इसमें एक्सप्रेसवे पर लगे सभी 122 कैमरों के माध्यम से वाहनों और वाहन चालकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए 55 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। बड़े वाहनों के लिए गति सीमा 100 और छोटे वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
वर्जन...
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का लखनऊ एक्सप्रेसवे के लोकार्पण की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। निर्माण एजेंसी पीएनसी हर बिंदु पर नए सिरे से चेकिंग करके जो भी कमियां हैं उन्हें ठीक कर रही है। -नकुल प्रकाश वर्मा, पीडी एनएचएआई

एक्सप्रेसवे पर यातायात सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं, जिन स्थानों पर फेंसिंग टूट या गिर गई है, उसे ठीक किया जा रहा है। कैमरे भी चेक कर लिए गए हैं, सभी काम कर रहे हैं, लाइटिंग और संकेतक भी ठीक हैं। जो छोटी कमियां आईं हैं उन्हें भी ठीक कर रहे हैं। -अवनीश यादव, सुरक्षा अधिकारी।
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