फोटो-47-रोडवेज वर्कशॉप में बस परिचालकों को देने के लिए मेडिसिन किट निकालते कर्मचारी। संवाद
उन्नाव/सोनिक। परिवहन निगम की बसों में फर्स्ट-एड किट के नाम पर खानापूर्ति को लेकर लगातार चलाए गए अभियान के बाद अब जिम्मेदार जागे हैं। निगम को दवाओं की 50 किटें बसों के फर्स्ट-एड बॉक्स में रखवाई जा रही हैं।
परिवहन निगम शासनादेश की अनदेखी करते हुए कई साल से बसों में दवाओं की किट उपलब्ध नहीं करा रहा है। इसे लेकर अमर उजाला ने लगातार अभियान चलाकर अव्यवस्था की पोल खोली और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की। पड़ताल के दौरान सामने आया कि रोडवेज बसों में जिले के तहसील और ब्लॉक रूट की बसों की कौन कहे, दिल्ली, लखनऊ और रायबरेली जैसे लंबे रूट की बसों में भी मुसाफिरों को मरहम-पट्टी और आपात स्थिति में दी जाने वाली दवा नहीं हंै। किसी बस के फर्स्ट-एड बॉक्स में टूटा चश्मा तो किसी में पान मसाला के खाली रैपर या रद्दी कागज रखे मिले थे।
बसों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की पोल खुलने के बाद परिवहन निगम के जिम्मेदार जागे और मंगलवार को स्टोर में रखीं दवाओं की किट निकाली। पहले लंबी दूरी की बसों के परिचालकों को दिया।
फोटो-47-रोडवेज वर्कशॉप में बस परिचालकों को देने के लिए मेडिसिन किट निकालते कर्मचारी। संवाद