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Unnao News: इमरजेंसी वार्ड के पीछे मृत मिले मरीज का खाली था पेट, मरीजों को भोजन देने पर उठे सवाल

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फोटो नंबर-32- उन्नाव जिला अस्पताल। आर्काइव
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उन्नाव। जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के पीछे छह दिन पहले मृत मिले अज्ञात मरीज के शव का पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में उसके पेट में भोजन न होने और सेप्टीसीमिया होनी पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जिला अस्पताल में मरीजों को भोजन और दूध वितरण व्यवस्था और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये खर्च होने वाले बजट पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के जिम्मेदारों का कहना है कि जो मरीज भर्ती होते हैं उन्हें भोजन और दूध दिया जाता है। मरीज बिना बताए चला गया तो इसलिए न दिया गया हो।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी में अक्सर घायल व बीमार अज्ञात में भर्ती होते हैं। इनमें से कई अक्सर बिना सूचना चले जाते हैं लेकिन इन पर नजर रखने के साथ ही दवा इलाज करने के जिम्मेदार ध्यान नहीं देते। 27 फरवरी को ऐसे ही एक करीब 35 वर्षीय मरीज का अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के पीछे बरगद के पेड़ के नीचे शव मिला था। युवक के हाथ में वीगो लगा होने से उसके मरीज होने की पुष्टि हुई थी।
पुलिस की जांच में पता चला था कि 15 फरवरी को उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। इमरजेंसी वार्ड के स्टॉफ ने दावा किया किया था कि दो दिन बाद उसे जनरल वार्ड नंबर दो में शिफ्ट कर दिया गया था। वह कब और कैसे वार्ड से चला गया स्वास्थ्य कर्मियों को को इसका पता ही नहीं चला। बुधवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसे सेप्टीसीमिया होने और पेट बिल्कुल खाली होने की पुष्टि हुई है।
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मालूम हो कि हाल तब है जब सरकार ने सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को नाश्ता और भोजन निशुल्क उपलब्ध कराती है। जिला अस्पताल में मरीजों को नाश्ता और भोजन पर महीने 60 से 70 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें सुबह सभी मरीजों को दूध, इसके बाद दोपहर और शाम को भोजन के रूप में दाल, सब्जी, रोटी और चावल देने की व्यवस्था है। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि शव की पहचान न होने पर पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार कराया गया है।
वर्जन...

वार्ड में जो भी मरीज भर्ती होते हैं उन्हें भोजन और नाश्ता नियमित दिया जाता है। अगर बेड पर मरीज या तीमारदार नहीं होगा या फिर कोई मरीज बिना छुट्टी कराए ही चला गया हो तो उसकी तलाश कहां की जाए। इसी कारण्से भोजन देना भी संभव नहीं हो पाता।-डॉ. राजीव गुप्ता, सीएमएस।
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यह हैं नाश्ता-भोजन का मानक

- सुबह नाश्ता 8 से 9 बजे तक-दूध

- दोपहर भोजन 12 से 01 बजे -रोटी,दाल, चावल, सब्जी

- रात का खाना 07 बजे-रोटी, दाल, सब्जी
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