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Unnao News: शहरी लोगों को पांच साल बाद भी नहीं मिला शुद्ध पेयजल

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फोटो -29-सिविल लाइंस क्षेत्र में डीएम आवास के पास घर के बाहर लगे कनेक्शन में दो साल बाद नहीं आय
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उन्नाव। शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई अटल मिशन फॉर रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) योजना के तहत 476.39 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। इससे लोगों को पांच साल बाद भी शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है।
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वर्ष 2018 में शहर और शुक्लागंज के करीब 55 हजार घरों तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए योजना में शामिल किया गया था। योजना के चार चरणों में मंजूर हुई राशि के बावजूद, गंगा नदी के पानी को ट्रीटमेंट प्लांट से साफ करके हर घर तक जलापूर्ति का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हो सका है।मूल रूप से 2020 तक पूरी होनी वाली इस योजना की समय सीमा कोविड-19 महामारी और बजट संबंधी अड़चनों के कारण बार-बार बढ़ाई गई। जल निगम के अनुसार, दस में से आठ जोन की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है जिनमें से दो जोन नगर पालिका को हस्तांतरित किए जा चुके हैं। दो अन्य जोन में अंतिम चरण की टेस्टिंग चल रही है।
जल निगम ने शहर के छह जोन के हस्तांतरण के लिए नगर पालिका को फाइलें भेज दी हैं और दावा कर रहा है कि परियोजना का काम अगले 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि अभी तक केवल दो जोन ही नगर पालिका को सौंपे जा सके हैं जिससे नागरिकों को समय पर शुद्ध पेयजल मिलने में बाधा आ रही है। शेखपुर और मगरवारा जैसे क्षेत्रों में जहां पानी पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, वहां भी कई-कई दिनों के अंतराल पर आपूर्ति हो रही है।
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नगर पालिका का दावा नियमित जलापूर्ति नहीं
नगर पालिका का दावा है कि शहर के किसी भी जोन में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। जो दो जोन शेखपुर और अकरमपुर जोन हस्तानांतरित भी हो गए हैं उनमें भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था नगर पालिका अपनी पुरानी व्यवस्था के तहत 24 ट्यूबवेलों के माध्यम से ही कर रहा है।


लेटलतीफी पर लग चुका है 12.40 करोड़ जुर्माना

पेयजल की इस योजना में लगातार देरी और गड़बड़ी पर जल निगम ने निर्माण एजेंसी पर तीन बार जुर्माना की कार्रवाई की। सितंबर 2024 में लेटलतीफी पर 5.90 करोड़ रुपये जुर्माना लगा। खोदी गई सड़कों की मरम्मत न कराने व जिला प्रशासन को गलत रिपोर्ट देने पर जून 2023 में एक करोड़ रुपये और फिर लेटलतीफी को लेकर 21 नवंबर 2023 को 5.50 करोड़ रुपये जुर्माना लगा था।


योजना पर एक नजर
फेज-1, उन्नाव-शुक्लागंज (गंगाघाट) नगर पालिका क्षेत्र के लिए गंगा बैराज के माध्यम से पेयजल योजना स्वीकृत लागत 253.51 करोड़ रुपये
-गंगा बैराज से देवाराकला तक वाटर राइजिंग मेन के लिए नए एलाइनमेंट पर आरसीसी पेडस्टल का निर्माण कार्य स्वीकृत लागत 16.15 करोड
फेज-2, नगर पालिका परिषद उन्नाव (शहर) में पेयजल योजना के लिए नई पाइप लाइन के लिए स्वीकृत लागत 78.28 करोड़ रुपये
- नगर पालिका परिषद गंगाघाट (शुक्लागंज) पुनर्गठन पेयजल योजना के लिए पाइप व टंंकियों का निर्माण स्वीकृत लागत-128.45 करोड

वर्जन...
अमृत योजना की पाइप लाइनें आए दिन फूटने और लीकेज की समस्या को देखते हुए योजना के सही तरीके से संचालन न होने तक इसकी जिम्मेदारी नहीं ली सकती है। जो दो जोन लिए गए हैं उनमें भी लीकेज की समस्या हो रही है। पिछले दिनों जलनिगम ने एक और फाइल भेजी है, लेकिन टेस्टिंग और कुछ महीने तक सुचारु रूप से चलने के बाद ही जिम्मेदारी ली जाएगी। नगर पालिका के पास सीमित बजट और संसाधन हैं, वहीं योजना के संचालन पर कर्मचारियों और संसाधनों पर हर महीने औसतन 10 से 15 लाख रुपये खर्च होंगे। इसलिए पुरानी योजना पर निर्भरता खत्म होने के बाद ही अमृत योजना की जिम्मेदारी ली जाएगी। -संजय कुमार गौतम, ईओ नगर पालिका।
वर्जन...
शहर के 10 में आठ जोन की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। शेखपुर और अकरमपुर वार्ड में जलापूर्ति की जा रही है। पाइप लाइनों में रोजाना प्रेशर से पानी छोड़ा जा रहा है। जहां भी समस्या आई उसे ठीक कर दिया गया है। आठ जोन में अब कोई समस्या नहीं है। दो जोन में भी टेस्टिंग का काम अंतिम चरण में है जो 15 दिन में पूरा हो जाएगा। नगर पालिका को इन जोन को हैंडओवर करने के लिए फाइल भेजी गई है। शुक्लागंज को योजना के फेज दो में शामिल किया गया है, सितंबर 2023 को धनाराशि जारी हुई थी। शुक्लागंज को नौ जोन में बांटकर तेजी से काम कराया जा रहा है। -पंकज रंजन झा, एक्सईएन जलनिगम।

फोटो -29-सिविल लाइंस क्षेत्र में डीएम आवास के पास घर के बाहर लगे कनेक्शन में दो साल बाद नहीं आय

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