उन्नाव। लंबे समय से जर्जर जिले के 86 मार्गों का नवनिर्माण होगा। इससे करीब डेढ़ लाख की आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। लोक निर्माण विभाग ने परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। काम पूरा करने की समय सीमा दो माह निर्धारित की गई है।
जनपद में ऐसे कई संपर्क मार्ग थे जिनकी हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी थी। सर्वे में चिह्नित 150 से अधिक सड़कों में से जिन सड़कों की स्थिति सबसे खराब थी उनका चयन कर मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन ने 86 मार्गों को प्राथमिकता देते हुए इनके निर्माण को मंजूरी दी है। इन मार्गों की कुल लंबाई 86.25 किलोमीटर है और इनके निर्माण के लिए 13.61 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
नवनिर्माण के लिए चयनित ये सभी मार्ग अत्यधिक गड्ढों में समा चुके हैं जिनमें से कई तो खड़ंजा मार्ग है। इस कारण इन्हें गड्ढामुक्त अभियान में शामिल नहीं किया गया था। अब इन मार्गों पर डामर की पूरी नई परत बिछाई जाएगी जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में होने वाली असुविधा से निजात मिलेगी। यह परियोजना डेढ़ लाख लोगों की यात्रा सुगम बनाएगी।
इंसेट-2
प्रमुख मार्ग खर्च होने वाली धनराशि
ओसिया संपर्क मार्ग का नवीनीकरण 33.30 लाख
नानाटीकुर वाया पिपरोसा संपर्क मार्ग 32 लाख
अजगैन-मुंशीगंज से पामाखेड़ा मार्ग 31.70 लाख
आपमऊ झाड़ा से हंसखेड़ा मार्ग 31 लाख
भुटवल से कुम्हारखेड़ा संपर्क मार्ग 31 लाख
अकबरपुर सई अप्रोच मार्ग नवीनीकरण 29.90 लाख
इस्माइलाबाद संपर्क मार्ग का नवीनीकरण 29 लाख
पहाड़पुर संपर्क मार्ग का नवीनीकरण 26.90 लाख
दिपवल मलेथा के किमी तीन से बिरसिंह वाया सधवाखेड़ा 26.60 लाख
भुटवाखेड़ा संपर्क मार्ग 20.60 लाख
वर्जन....
नवनिर्माण के 86 मार्गों के लिए बजट जारी हो गया है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 15 दिन में प्रक्रिया पूरी करके काम शुरू कराया जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि दो माह में काम पूरा हो जाए। -सुबोध कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी निर्माणखंड।