उन्नाव। सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की बेटी ने केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र लिखकर दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। आशंका जताई कि अगर पीड़िता के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो पहले की तरह फिर सारा दोष उनके पिता पर डाल दिया जाएगा।
कुलदीप सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने गृहमंत्री अमित शाह को भेजे पत्र में बताया कि हाल के दिनों में पीड़िता ने सार्वजनिक रूप से और सोशल मीडिया पर कहा है कि वह आत्महत्या कर सकती हैं या हत्या हो सकती है। कहा है कि अगर सेंगर को जमानत मिलती है या रिहा किया जाता है तो उसका परिवार आत्मघाती कदम उठा सकता है। इस तरह के बयान एक सामान्य नागरिक और एक बेटी के रूप में उन्हें भय और असहायता से भर देते हैं।
2018 में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह के प्रयास का उल्लेख करते हुए लिखा कि उस समय भी मीडिया के दबाव में उनके पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और गिरफ्तारी हुई जबकि संबंधित तिथि पर उनके पिता की मौजूदगी को लेकर जांच न्यायालय में लंबित थी।
ऐश्वर्या सेंगर ने सड़क दुर्घटना मामले का भी जिक्र किया जिसमें पीड़िता के परिजनों की मौत हुई थी। बताया है कि जुलाई 2019 को रायबरेली में हुए सड़क हादसे की जांच सीबीआई, आईआईटी दिल्ली की समिति, सीएफएसएल ने की थी। सभी ने दुर्घटना बताया था और अदालत भी इस मामले में उनके (ऐश्वर्या के) पिता को आरोपों से मुक्त कर दिया था। राज्य सरकार और शिकायतकर्ता की ओर से फैसले के खिलाफ कोई अपील भी नहीं की गई, इसके बाद भी पिता को उस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
इससे पहले 2018 में शिकायतकर्ता ने परिवार के साथ लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह का प्रयास किया था। बताया कि परिवार को लगातार मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। परिवार का निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार प्रभावित हुआ है और किसी तरह की कानूनी राहत पर विरोध-प्रदर्शन होने लगते हैं।
ऐश्वर्या सेंगर ने बताया है कि पत्र किसी के प्रति पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं है, बल्कि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने, मानवीय संवेदनशीलता बनाए रखने और भविष्य में किसी और गंभीर अन्याय से बचने की विनम्र अपील करने के लिए लिखा है।
कांग्रेस जिला सचिव ने छोड़ी पार्टी, बताया राहुल गांधी दे रहे असत्य का साथ
उन्नाव। जिला कांग्रेस कमेटी के जिला सचिव कुलदीप सिंह ने पार्टी छोड़ने का ऐलान करते हुए जिलाध्यक्ष को त्यागपत्र दिया है। इसके पीछे पार्टी नेताओं द्वारा भ्रामक बयानों को वजह बताया है। आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सच्चाई से अनभिज्ञता या राजनीतिक कारणों से इस प्रकरण में हमेशा असत्य का साथ दिया है। इस प्रकरण में मुकदमे की वादी (पीड़िता की मां) को पिछले चुनाव में टिकट देकर प्रत्याशी बनाया और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और 1500 वोट मिले थे। पत्र में लिखा है कि उनके मन में असीम वेदना है। मैं सच के साथ हूं, अपनी अंतर आत्मा की आवाज को साक्षी मानकर कांग्रेस पार्टी में जिला सचिव का पद छोड़ रहा हूं। पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि जिला सचिव ने पार्टी से त्यागपत्र दिया है।