उन्नाव। पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मामले में पीड़िता ने फोन पर बताया कि उसने शादी कर ली थी। दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पति दिल्ली में ही प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहे थे। आरोप लगाया कि मंगलवार को मामला फिर चर्चा में अपने पर कंपनी ने पति को नौकरी से निकाल दिया है। वह समझ नहीं पा रही है कि परिवार का खर्च कैसे चलेगा, बच्चे कैसे पालेंगे।
उसने बताया कि अभी तो कुलदीप सेंगर को केवल जमानत मिली है। जेल के अंदर से ही इतनी दहशत है तो जेल से बाहर आने के बाद क्या होगा। बताया कि वह अखिरी सांस तक न्याय की लड़ाई लड़ेगी। अगर सेंगर जेल से बाहर आता है तो वह सुरक्षित नहीं हैं। परिवार को गांव से दिल्ली बुला लिया है, क्योंकि इस समय केवल उसे ही सीआरपीएफ सुरक्षा मिली है। परिवार के लोग भी उनके साथ ही खुद को कुछ सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पीड़िता बोलीं सुप्रीम कोर्ट पर है पूरा विश्वास
पीड़िता ने पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की सजा निलंबन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल कर दी। कहा कि उसे पूरा विश्वास है कि न्याय मिलेगा। बताया कि 2019 में जब रायबरेली में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हुई थी तब भी सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण का स्वत: संज्ञान लेकर केस को दिल्ली ट्रांसफर कराया था और परिवार को सीआरपीएफ सुरक्षा दी थी। इसके बाद न्याय मिला और सेंगर को उम्रकैद हुई थी।
कुलदीप सेंगर के खेमे में खामोशी
पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। सेंगर के परिवार के लोग कोई भी प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं। वहीं जिले के लोग सुप्रीम कोर्ट के निर्णय आने तक इंतजार करने की बात कहकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वकीलों में भी दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला आपसी चर्चा का विषय बना है।
आवाज उठाने पर परिवार पर दर्ज कराई थीं कई एफआईआर
पूर्व विधायक के खिलाफ आवाज उठाने पर दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार पर दबाव बनाने के लिए मुकदमों की झड़ी लगा दी गई थी। पीड़िता ने बताया कि पूर्व विधायक के खिलाफ शिकायत के बाद उसके चाचा पर 12 दिन के अंदर चार एफआईआर दर्ज कराई गईं थीं इनमें तीन में घटना की तारीख एक ही थी।