उन्नाव। नाबालिग से दुष्कर्म में उम्रकैद की सजा निलंबित होने की सूचना पर जहां पूर्व विधायक का खेमा खुश है, वहीं मामले की जानकारी होते ही पीड़िता अपनी मां के साथ दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना देने के लिए बैठ गई। इसकी जानकारी पुलिस पहुंची और दोनों को जबरन वहां से उठा दिया। दुष्कर्म पीड़िता का कहना है कि सेंगर बाहर आया दोबारा इसी जगह पर धरना देगी।
मालूम हो कि गांव की नाबालिग ने वर्ष 2017 में तत्कालीन विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पीड़िता और परिवार की सुनवाई हुई थी। अप्रैल 2018 को प्रदेश सरकार की संस्तुति पर केंद्र सरकार ने प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मंजूरी दी। सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज कर 13 अप्रैल 2018 की सेंगर को लखनऊ स्थित आवास से गिरफ्तार किया था।
लंबी जांच और दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के बाद 16 दिसंबर 2019 को कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई और न्यायालय ने कुलदीप को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी पाया। 20 दिसंबर 2019 को न्यायालय ने कुलदीप को उम्रकैद और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। तब से जेल में बंद है।