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Unnao News: फिटनेस जांच में ढाई फीट ज्यादा मिली तीन बसों की लंबाई

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फोटो-6- फिटनेस टेस्ट के लिए एआरटीओ कार्यालय के बाहर खड़ी बस। स्रोत: कर्मचारी
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उन्नाव। कमाई के लिए ज्यादातर बस मालिकों ने बसों को मॉडीफाइड कराकर अतिरिक्त सीटें लगवा लीं हैं। फिटनेस जांच के दौरान तीन बसों की लंबाई ढाई फीट ज्यादा और चार सीटें अधिक लगी मिलीं। आरआई ने बसों को कटवाने के निर्देश देते हुए फिटनेस रोक दी। तीनों बसों को कटवाया गया है, वहीं दो और बसों का फिटनेस रोका गया है।
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एआरटीओ कार्यालय में 1237 बसें पंजीकृत हैं इनमें से ज्यादातर में सीटों को आगे-पीछे करके अतिरिक्त सीटें लगवाई गई हैं। वहीं कई बसों में आपातकालीन निकास द्वार को छोटा करा दिया गया है। बस की पीछे की लंबाई बढ़ाकर संचालकों ने एक लंबी (स्लीपर) सीट तक लगवा दी है। इसका खुलासा तब हुआ जब बस फिटनेस के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंचने पर उनकी जांच की। आरआई ने बताया कि अभी तक तीन बसों को कटवाया गया है, जबकि दो का फिटनेस पर रोक लगा दी गई है। मालिकों को बस के अतिरिक्त हिस्से को कटवाने के बाद ही फिटनेस के लिए लाने का निर्देश दिया गया है। यह भी निर्देश है कि बस के अनाधिकृत हिस्से को कटवाने का फोटो, वीडियो भी उपलब्ध कराएं।



एआरटीओ श्वेता वर्मा ने मॉडिफाइड बसों को फिटनेस प्रमाण पत्र देने पर लगाई रोक, अधिक लंबी या ऊंची पाए जाने पर उन्हें कटवाने का निर्देश दिए हैं। इसके बाद दोबारा जांच में मानक अनुरूप पाए जाने पर ही प्रमाणपत्र देने की का निर्देश दिया है।
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जिले में मॉडिफाइड बसों की भरमार
जिले के विभिन्न तहसील रूटों के अलावा अलावा हाईवे और एक्सप्रेसवे पर बसें क्षमता से दोगुनी सवारियां बैठाए नजर आती हैं। आरआई ने बताया कि कई स्लीपर बसों को मॉडीफाइड कराकर अवैध रूप से उनकी लंबाई और ऊंचाई बढ़ा कर अतिरिक्त जगह बना ली जाती है। इससे बस में ज्यादा यात्री के साथ ही उसकी डिकी में सामान रखने के लिए अतिरिक्त जगह बना ली जाती है।
पिछले दिनों एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त हुई बस की डिकी में बाइक के अलावा अलग-अलग तरह के सामानों के गत्ते भी मिले थे। मानक के अनुसार बसों में सुरक्षा की दृष्टि से आपातकालीन निकास, आग बुझाने के उपकरण आवश्यक है। बस की संरचना, आयाम, सीट लेआउट निर्धारित है। मजबूत बॉडी का निर्माण, आपातकालीन निकास और कांच तोड़ने के लिए हथौड़ा उपलब्ध होना चाहिए।
वर्जन...
बसें हो या कोई अन्य वाहन मानक पूरे न होने पर उसे फिट होने का प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा। तीन बसों की लंबाई ढाई फीट अधिक मिलने पर उन्हें कटवाया गया है। मानक से ज्यादा लंबी बसों के अनियंत्रित होने का खतरा अधिक रहता है। -अशोक श्रीवास्तव, आरआई, एआरटीओ कार्यालय।

पुलिस ने बिना परमिट चल रही दो स्लीपर बसें सीज कीं
सफीपुर। बिना परमिट अवैध रूप से दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच चलने वाली दो स्लीपर बसों को आसीवन थाना पुलिस ने सीज कर दिया। आसीवान थाना प्रभारी अखिलेश कुमार पांडेय ने बताया कि हाईवे और एक्सप्रेसवे पर हो रहे हादसों के कारण सामान्य व स्लीपर बसों की सघन जांच की जा रही है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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