फोटो-10-गणेश लक्ष्मी की मूर्ति तैयार करतीं संगीता। स्रोत-कर्मचारी।
उन्नाव। सिकंदरपुर कर्ण की ग्राम पंचायत पोनी की संगीता ने 60 हजार का ऋण लेकर लेकर करीब एक लाख रुपये कमाई की है। उन्होंने पहले करवा बनाकर बेचा और अब गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां बना रही हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति तो सुधरी ही, साथ ही 10 महिलाओं को भी रोजगार दिया है। अब वह महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं।
संगीता ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। इससे वह परेशान थीं। इसी दौरान उन्हें स्वयं सहायता समूह के बारे में पता चला तो वह महालक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ गईं। करवाचौथ और दीपावली नजदीक आते देख उन्होंने करवा व गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति बनाकर बेचने की सोची। इसके लिए स्वयं सहायता समूह से ही 60 हजार ऋण लिया। पहले करवा बनाकर बेचा। दीवाली नजदीक आने पर अब गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां बना रही है।
बिक्री बढ़ने से उत्साहित होकर 10 महिलाओं को भी जोड़ लिया। इसके बाद गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति बनाने के काम में तेजी आ गई है। बताया कि अब तक एक लाख रुपये की कमाई हो गई है। दीपावली नजदीक आने से गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की मांग बढ़ गई है। संगीता के मुताबिक दीपावली तक फुर्सत नहीं है। काम बढ़ गया है। इससे आमदनी भी बढ़ने की उम्मीद है। कई जगहों से आर्डर मिले हैं। दीपावली के बाद दूसरे काम के बारे में सोचेंगीं। फिलहाल करवा और मूर्तियों के कारोबार ने हमारी जिंदगी बदल दी है।
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संगीता ने पेश की नजीर
सिकंदरपुर कर्ण ब्लॉक की मिशन मैनेजर शोभना शुक्ला का कहना है कि संगीता ने महिलाओं के लिए नजीर पेश की है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से काम किया जाए तो सब कुछ संभव है। उन्होंने 60 हजार का ऋण लेकर काम शुरू किया था। अब तक करीब एक लाख की आमदनी हो गई है। आगे और काम बढ़ने की उम्मीद है।