उन्नाव। शहरी क्षेत्र में 133 भवन जर्जर हैं, जो कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। इनमें कई तो भीड़ वाले स्थानों पर हैं जो इन मकानों में रहने वालों के साथ ही आसपास मौजूद लोगों के लिए भी खतरा हैं। इस समस्या का समाधान और कार्रवाई के लिए नगर पालिका और प्राधिकरण एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं। ऐसे में सवाल होता है जर्जर भवन गिरने से मौतें हुईं तो जिम्मेदार कौन होगा।
नगर पालिका ने एक साल पहले बारिश से पहले शहर के सभी वार्डों में जर्जर भवनों का सर्वे कराया था। इसमें कुल 133 भवन चिह्नित किए गए थे। चिह्नित भवनों की दर्ज कराई शिकायतों में लोगों ने बताया कि अक्सर इनका कभी छज्जा तो कभी दीवार तो कभी कोई और हिस्सा टूट कर गिर जाता है। ये भवन आसपास के घरों में रहने वाले और आवागमन कर रहे लोगों के लिए भी खतरा हैं।
नगर पालिका इन बड़े खतरे को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उसने केवल नोटिस देकर औपचारिकता पूरी कर ली गई। इन दिनों हो रही बारिश ने जर्जर मकानों के गिरने का खतरा और बढ़ा दिया है। इन भवनों को गिराने की कार्रवाई या समस्या समाधान को लेकर अब नगर पालिका और उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) एक दूसरे की जिम्मेदारी बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
जर्जर छत गिरने से चली गई पालिका कर्मी की जान
शहर के शांति नगर में जर्जर मकान छत गिरने से गुरुवार को नगर पालिका में तैनात एक आउटसोर्सिंग सफाई कर्मी की मौत हो गई थी। रायबरेली जिले के रामपुर कला निवासी जितेंद्र, उन्नाव नगर पालिका में सफाई कर्मी के पद पर तैनात थे। वह शहर के शांतिनगर मोहल्ले में किराए के घर में रहते थे। घर काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। जर्जर सूची में शामिल था। गुरुवार को मकान की जर्जर छत ढही और सफाई कर्मी की दबकर मौत हो गई। हादसे के बाद इसी मकान में रहने वाले चार परिवारों प्रशासन ने कांशीराम कॉलोनी में शिफ्ट कराया गया है। इसके अलावा पिछले साल बारिश के दिनों में शहर के सदर बाजार में एक पुराने मकान का छज्जा गिरा था। मलबा गिरने से कुछ लोगों को चोटें भी आई थीं।
इन मोहल्लों में सबसे अधिक जर्जर भवन
शहर के कल्याणी देवी में 10, एबीनगर दक्षिणी व अकरमपुर में नौ-नौ, सिंगरोसी में आठ, आदर्श नगर व शांति नगर गांधीनगर और कासिम नगर में सात-सात सहित कुल 32 मोहल्लों में 133 जर्जर भवन हैं।
नोटिस देने और गिराने की जिम्मेदारी यूएसडीए की
उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) ही भवनों के नक्शे जारी करता है। इसलिए जर्जर भवनों को नोटिस देकर गिराने की जिम्मेदारी यूएसडीए को की है। जर्जर भवनों को चिह्नित करके रिपोर्ट दे दी गई थी। -संजय गौतम, ईओ, नगर पालिका परिषद उन्नाव।
जर्जर भवनों पर पालिका ही करे कार्रवाई
बिना नक्शा के भवन निर्माण पर कार्रवाई या उसे अनाधिकृत हिस्से को तोड़ने या सील करने की जिम्मेदारी प्राधिकरण की है। जो पुराने जर्जर भवन हैं और वह इनमें रहने वाले या आसपास के लोगों के लिए खतरा हैं, तो कार्रवाई नगर पालिका को ही करनी है।- शुभम कुमार, सचिव यूएसडीए
जांच कर करेंगे कार्रवाई
जर्जर भवन खतरा है तो उसे भवन स्वामी को नोटिस देकर स्वयं हटाने और ऐसा न करने पर सर्वहित को देखते हुए कार्रवाई करना नगर पालिका के दायरे में आता है। शहर में कितने मकान जर्जर हैं, अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी कर उचित कदम उठाए जाएंगे।
अमिताभ कुमार, एडीएम न्यायिक/ प्रभारी नगर निकाय
फोटो-4 बड़ा चौराहा पर जर्जर पुराना भवन। संवाद