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Unnao News: सर्वे और योजना बनाने में ही उलझा रहा विभाग, बेकार हो गया 62 करोड़ का पुल

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फोटो नंबर-39-उन्नाव के बीघापुर को कानपुर के महराजपुर को जोड़ने वाले गंगा नदी पुल के नीचे कुछ इस
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उन्नाव। बीघापुर तहसील को कानपुर के महराजपुर को जोड़ने वाले गंगा नदी के पुल का पहुंच मार्ग पूरी तरह कट जाने से 62 करोड़ का पुल सात साल में ही अनुपयोगी हो गया। पिछले तीन साल से स्थान बदल रही नदी और पुल के नीचे आधे हिस्से में रेत जम जाने के बाद भी पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम ने कोई प्रयास नहीं किए। केवल कागजों पर योजनाएं और एस्टीमेट ही बनते रहे।
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बीघापुर तहसील को प्रयागराज हाईवे पर महाराजपुर (कानपुर के सिकठिया पुरवा के सामने) से जोड़ने वाला गंगा नदी पुल का पूरा पहुंच मार्ग रविवार को नदी में समा गई। इसके साथ कानपुर की तरफ डोमन पुरवा गांव के पास भी आधी सड़क कट गई है। पीडब्ल्यूडी ने दोनों तरफ अवरोध लगाकर पुल को आनन-फानन पूरी तरह बंद कर दिया है।
मालूम हो कि वर्ष 2018 में 62.91 करोड़ से गंगा नदी पर एक किमी लंबा पुल बना था। पुल बनने के साथ ही कानपुर छोर की तरफ से गंगा नदी बीघापुर के तरफ गढ़ेवा गांव की ओर कटने लगी थी। इससे डोमन पुरवा की तरफ से पुल के नीचे करीब आधे पुल (500 मीटर) में रेत जम गई और पानी की बहाव गढ़ेवा की तरफ होने से कटान शुरू हो गई। 2021 में गंगा की धारा ने इस पुल को जोड़ने वाले पहुंच मार्ग को काट दिया था। किसानों की करीब 100 बीघा जमीन भी कटना की भेट चढ़ गई थी। पीडब्ल्यूडी ने पैदल और दो पहिया वाहनों के आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ता तो बना दिया लेकिन समस्या को पूरी तरह हल करने के प्रबंध नहीं किए गए। इसी का नतीजा है कि अब यह पुल पूरी तरह अनुपयोगी हो गया है।
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नदी की धारा रखने के लिए नहीं बन सकीं बंड वॉल
सितंबर वर्ष 2021 में गढ़ेवा गांव के सामने नदी पुल को जोड़ने वाले पहुंच मार्ग को नुकसान पहुंचने के बाद शासन ने अप्रोच रोड को दोबारा बनाने नवंबर 2024 में 4.20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। लेकिन कटान रोके बिना अप्रोच रोड बनाने को लेकर सवाल उठे तो पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने उत्तराखंड के रुड़की से आई तकनीकी टीम ने नदी की धारा को सीधा रखने के लिए पुल से 500 मीटर की दूरी पर नदी के दोनों किनारों पर मजबूत कंक्रीट की दीवार (बंड वॉल) बनाने का प्रस्ताव दिया था। इसपर करीब तीस करोड़ रुपये खर्च होना था। लेकिन अधिक लागत होने से काम नहीं हो सका।

बनारस आईआईटी ने दी पुल की लंबाई बढ़ाने की सलाह
मार्च 2025 में पीडब्ल्यूडी ने बनारस आईआईटी की टीम से पुल को बचाने के लिए आवश्यक कार्य कराने के लिए सर्वे कराया। आईआईटी की तकनीकी टीम ने इस स्थान पर नदी में कभी उन्नाव की तरफ तो कभी कानपुर के दूधी कगार की तरफ कटान होने से इस पुल की लंबाई को एक किलोमीटर बढ़ाने की रिपोर्ट दी। आईआईटी प्रोफेसर पीके दीक्षित की रिपोर्ट के आधार पर पीडब्ल्यूडी ने पुल की लंबाई बढ़ाने की योजना पर काम शुरू किया है।

वर्जन...

उन्नाव के बीघापुर की तरफ की अप्रोच रोड कटने के बाद अब कानपुर की तरफ डोमन पुरवा गांव के पास भी सड़क कट रही है। इससे पुल को बंद कर दिया गया है। बनारस आईआईटी की रिपोर्ट पर पुल की लंबाई बढ़ाने के लिए सेतुनिगम से इस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। उच्चाधिकारियों से स्वीकृति और बजट मिलने के बाद काम कराया जाएगा।
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हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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