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Unnao News: खाने के हर दूसरे सामान में मिलावट, 408 नमूनों में 208 फेल

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फोटो-13-फ्रीजर में रखे खोये को जांचते खाद्य सुरक्षा अ​धिकारी। आर्काइव
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उन्नाव। जनपद में खाद्य पदार्थों में जमकर मिलावट की जा रही है। खोया, दूध, पनीर जैसी चीजें शुद्ध नहीं मिल रही हैं। आलम यह है कि बाजार में बिक रही हर दूसरी चीज मिलावटी है। यह हम नहीं खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट कह रही है।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में जांच कर 408 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। इनकी जांच में 208 नमूने फेल आए। इस रिपोर्ट के आधार पर खानपान की हर दूसरी चीज में मिलावट की पुष्टि हुई है। इसके बाद एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया। इसमें 10 की सुनवाई पूरी हो चुकी है और जुर्माना लगाया जा चुका है।

केस-1-
बेसन, रवा के पैकेट पर गलत जानकारी पर दो लाख जुर्माना
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने किराना की दुकान से बेसन और रवा के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। दोनों नमूनों की जांच रिपोर्ट में पैकेट पर लिखी जानकारी भ्रामक मिली। बेसन व रवा के एक किलो के पैकेट में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट व वसा की मात्रा क्रमश: 23.34, 57.84 और 4.62 प्रतिशत की जानकारी दी गई थी जबकि जांच में यह 22.84, 48.20 और 3.65 फीसदी ही पाई गई। लोगों को झूठी जानकारी देकर भ्रमित करने पर कंपनी पर दो लाख का जुर्माना लगाया गया।
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केस-2-छेना
छेने में मानक से ज्यादा मिला मैदा, पांच हजार का जुर्माना
बीघापुर निवासी मूलचंद्र की दुकान से छेने का सैंपल लिया गया था। इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में छेने में मैदा की मात्रा पांच फीसदी निकली थी जबकि मैदा दो फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। मानकविहीन होने की पुष्टि के बाद वाद एडीएम न्यायालय में दाखिल किया गया था। न्यायालय ने मूलचंद्र पर पांच हजार का जुर्माना लगाया है।

केस-2-
पनीर में वसा ज्यादा, जुर्माना पांच हजार श्रीरामनगर निवासी अमन के प्रतिष्ठान से पनीर का सैंपल लिया था। इसे प्रयोगशाला भेजा गया तो उसे मानकविहीन पाया गया। रिपोर्ट में वसा (वसा की मात्रा) अधिकतम 25 फीसदी से ज्यादा करीब 32 फीसदी निकली थी। इसी आधार पर विभाग ने एडीएम वित्त राजस्व कोर्ट में वाद दायर किया। प्रतिष्ठान मालिक पर पांच हजार जुर्माना लगाया गया।

इंसेट-1
मैदा, दूध, पनीर आदि में मिलावट पर भी जुर्माना
एडीएम कोर्ट से मिश्रित दूध (गाय, भैंस का) में पानी की ज्यादा मिलावट पाए जाने पर बिक्री करने वाले प्रेम सिंह बजिराखेरा पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। पेड़े में रंग मानक से ज्यादा मिलने पर दुकानदार केशव कुमार मिरकापुर पर भी पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। बेसन के लड्डू व रंगीन कचरी में रंग की मिलावट ज्यादा मिलने पर मोहान के शुभम और देवेंद्र पर पांच-पांच हजार का जुर्माना लगाया गया।

दूध में मिलावट की ऐसे करें पहचान
-पानी की मिलावट जांचने के लिए एक बूंद दूध चिकनी फर्श या चमकीले प्लेट पर डालें। असली दूध धीरे-धीरे बहता है और पीछे सफेद लकीर छोड़ता है। पानी मिश्रित दूध तुरंत बह जाता है और कोई निशान नहीं आता है।
-डिटर्जेंट की मिलावट जांचने के लिए दूध को एक बोतल में करके जोर से हिलाएं। असली दूध का झाग थोड़ी देर में खत्म हो जाता है जबकि मिलावटी दूध में डिटर्जेंट जैसा घना झाग देर तक रहता है।
-यूरिया की मिलावट जांच के लिए एक चम्मच दूध में आधा चम्मच अरहर की दाल या सोयाबीन का पाउडर मिलाएं। पांच मिनट बाद लिटमस पेपर पर डालें। असली दूध कोई रंग नहीं बदलेगा। यूरिया वाला दूध रंग बदल देगा। इसके अलावा दूध चखने पर ज्यादा कड़वा या नमकीन लगे तो यूरिया की मिलावट हो सकती है।

वर्जन...
जिन सैंपलों की रिपोर्ट प्रयोगशाला से आई थी और मिथ्याछाप व अधोमानक पाए गए थे, उनको एडीएम कोर्ट में दाखिल किया गया था, कुछ में जुर्माना लगाया गया है। कुछ अभी विचाराधीन हैं। जांच अभियान लगातार चलाया जाता है। नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। मिलावट करने वालों पर कार्रवाई भी की जाती है।
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- प्रियंका सिंह, सहायक खाद्य आयुक्त
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