फोटो-12-स्टेडियम निर्माण को लेकर लगाए गए आरोपों पर जवाब देते यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता
सोनिक (उन्नाव)। मुर्तजानगर में निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम में तीन करोड़ रुपये की कथित बंदरबांट के वक्फ बोर्ड अध्यक्ष व पूर्व क्रिकेटर मोहसिन रजा के आरोपों को उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) ने नकार दिया है। मंगलवार को यूपीसीए के पदाधिकारियों ने इस पर अपना पक्ष रखा। यूपीसीए के सचिव और उप्र क्रिकेट डेवलपमेंट समिति के अध्यक्ष प्रेम मनोहर गुप्ता मंगलवार को कानपुर से लखनऊ जाते समय मुर्तजानगर में स्टेडियम के लिए खरीदी गई जमीन को देखने पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकारों से कहा कि बीसीसीआई ने केवल जमीन खरीदने के लिए पैसा दिया था। निर्माण संबंधी कोई बजट नहीं दिया गया। आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि जो निर्माण दिख रहा है वह जमीन बेचने वाले ने कराया है।
दूसरी ओर उप्र क्रिकेट डेवलपमेंट समिति के अध्यक्ष व पूर्व कोषाध्यक्ष अरविंद कमल ने दादा मियां चौराहा स्थित आवास पर वार्ता में बताया कि मैदान समतलीकरण अथवा पिच निर्माण संबंधी कोई कार्य नहीं कराया गया है। उन्होंने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के सभी आरोपों को भ्रामक व बेबुनियाद बताया। कहा कि यूपीसीए अभी वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण कराने में व्यस्त है। इसके बाद गाजियाबाद और उन्नाव में खरीदी गई जमीन के बारे में सोचा जाएगा। वार्ता में जिला क्रिकेट एसोसिएशन के महामंत्री पीके मिश्रा भी मौजूद रहे।
मोहसिन रजा की है सीबीआई जांच की मांग यूपीसीए ने मुर्तजानगर में 13 हेक्टेयर जमीन खरीदी है। मोहसिन रजा ने सोमवार को स्टेडियम पहुंचकर कहा था कि बीसीसीआई ने वर्ष 2011 में 21 करोड़ रुपये दिए थे। यह पैसा एकेडमी व मैदान के निर्माण के लिए था। आरोप लगाया कि मौके पर कोई निर्माण नहीं दिख रहा है जबकि संस्था पांच साल से अपनी बैलेंस शीट में तीन करोड़ रुपये से स्टेडियम में काम कराने की जानकारी दे रही है। उन्होंने इसे वित्तीय अनियमितता का मामला बताते हुए सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।
फोटो-12-स्टेडियम निर्माण को लेकर लगाए गए आरोपों पर जवाब देते यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता