उन्नाव। अचलगंज थाना क्षेत्र के हड़हा गांव में बुधवार शाम जुआ और युवक के नशे में गाली-गलौज की सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। ग्रामीणों ने अभद्रता, मारपीट और सोने की चेन छीनने का आरोप लगा पुलिस कर्मियों को बंधक बनाने की कोशिश की। बवाल बढ़ने पर पहुंचे एसओ की गाड़ी पर पथराव कर दिया। इससे वाहन के शीशे टूट गए और वह खंती में चला गया। दो सब इंस्पेक्टर सहित चार पुलिस कर्मियों को चोटें आईं। हल्का इंचार्ज ने नौ नामजद सहित 15 पर गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
बुधवार शाम करीब छह बजे हल्का इंचार्ज शिव कुमार पांडेय और सिपाही अमरजीत सिंह जुआ व नशे में गाली-गलौज की सूचना पर हड़हा गांव पहुंचे। पुलिस के अनुसार जब सिपाही ने अंकित सोनकर से जुए के संबंध में जानकारी लेनी चाही तो उसने खुद जाकर पता लगाने के लिए कहा। इसी बात पर सिपाही और युवक के बीच कहासुनी और हाथापाई हो गई। सिपाही ने युवक को हिरासत में लेने की कोशिश की तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए। खुद को घिरता देख सिपाही वहां से निकल गया और उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
इसके बाद अचलगंज एसओ बृजेश कुमार शुक्ला और सीओ मधुप नाथ मिश्रा अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने भीड़ को समझाने का प्रयास किया तो भीड़ ने एसओ की गाड़ी को घेर लिया। भीड़ ने सिपाही पर चेन छीनने का आरोप लगाते हुए चेन या एक लाख रुपये की मांग की। पुलिस के गाड़ी निकालने की कोशिश पर भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इससे पुलिस जीप के शीशे टूट गए और वह अनियंत्रित होकर खंती में चली गई। पथराव में दो सब इंस्पेक्टरों सहित चार पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। हालांकि पुलिस अधिकारी केवल वाहन चालक के घायल होने की बात कह रहे हैं।
हालात बिगड़ते देख पुलिस को गांव से हटना पड़ा और सभी ने एक किलोमीटर दूर उन्नाव-लालगंज हाईवे के अंडरपास के नीचे शरण ली। उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी देकर पीएसी और अतिरिक्त फोर्स की मांग की गई। रात करीब 9:30 बजे एसपी जयप्रकाश सिंह पीएसी के साथ थाने पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने घटना के वीडियो भी देखे। इस बीच दही और बीघापुर कोतवाली पुलिस भी गांव पहुंची और गश्त की। इस पर बवाल में शामिल कई लोग गांव से चले गए और कई घरों में छिप गए।
सीओ मधुप नाथ मिश्र के अनुसार मुख्य रूप से वाहन चालक को चोटें आई हैं जबकि अन्य पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें हैं। उन्होंने बताया कि युवक ने नशे में गाली-गलौज और उपद्रव किया था जिसके बाद भीड़ उग्र हुई। फिलहाल गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है और जांच जारी है। हल्का इंचार्ज की तहरीर पर नौ नामजद सहित 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी काम में बाधा, मारपीट, तोड़फोड़ सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दो साल पहले आरोपी युवक पर हुई थी जुए में कार्रवाई
सीओ ने बताया कि मामले से जुड़े अंकित सोनकर पर वर्ष 2004 में जुए के संबंध में पुलिस कार्रवाई की गई थी। संभव है इसी कारण वह नाराज था। पुलिस की ओर से चेन छीनने के आरोप को निराधार बताया। हालांकि चर्चा है कि जिस सिपाही पर आरोप लग रहे हैं वह पहले भी मारपीट और गाली-गलौज के मामलों में चर्चा में रहा है। उसे सिंघम के नाम से भी जाना जाता है।
प्राथमिकी में जुए का उल्लेख नहीं
हल्का इंचार्ज शिवकुमार पांडेय की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में शराब पीकर गाली-गलौज की सूचना का उल्लेख है लेकिन जुए का सीधा जिक्र नहीं है। प्राथमिकी के अनुसार समझाने पर अंकित सोनकर उग्र हो गया और उसके साथी भी वहां पहुंच गए। भीड़ ने सरकारी काम में बाधा डालते हुए ईंट-पत्थर फेंके जिससे वाहन चालक को चोटें आईं और सरकारी गाड़ी का शीशा टूट गया।
किसान की हत्या से भी आक्रोश
क्षेत्र में किसान नन्हें सोनकर की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से भी ग्रामीणों में आक्रोश है। 18 फरवरी को हुई हत्या के मामले में मृतक के बेटे ने पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में सपा का प्रतिनिधिमंडल मछली शहर की विधायक रागिनी सोनकर के नेतृत्व में एसपी से मिला था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह स्थिति भी ग्रामीणों के गुस्से का एक संभावित कारण हो सकती है।
फोटो-23- ग्रामीणों को समझाते सीओ मधुपनाथ मिश्रा। स्रोत: वीडियो
फोटो-23- ग्रामीणों को समझाते सीओ मधुपनाथ मिश्रा। स्रोत: वीडियो
फोटो-23- ग्रामीणों को समझाते सीओ मधुपनाथ मिश्रा। स्रोत: वीडियो