फोटो- 12-आवास विकास पानी की टंकी जिसकी एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी नहीं हुई सफाई। संवा
उन्नाव। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जलापूर्ति से हुई मौतों जैसी भयावह स्थिति उत्पन्न होने का खतरा उन्नाव शहर में मंडरा रहा है। शहर के लगभग तीन लाख लोग कई महीनों से दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं क्योंकि पेयजल आपूर्ति करने वाले ट्यूबवेलों में लगी क्लोरीन डोजर मशीनें खराब पड़ी हैं जिससे यहां के लोग गंभीर खतरे में हैं।
घरों तक पहुंचने वाले पानी में कीटाणुओं को पनपने से रोकने के लिए नगर पालिका के ट्यूबवेलों में डोजर मशीन के माध्यम से क्लोरिनेशन की व्यवस्था की जाती है। यह मशीन ट्यूबवेल की मुख्य पाइप लाइन में निर्धारित मात्रा में क्लोरीन मिलाकर पानी को शुद्ध करती है। हालांकि उन्नाव शहर के 24 ट्यूबवेलों में लगी ज्यादातर क्लोरीन डोजर मशीनें खराब पड़ी हैं। इससे महीनों से लोगों के घरों में सीधे तौर पर दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।