उन्नाव के जुराखनखेड़ा में कक्षा पांच की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव घर में फंदे से लटका मिला। परिजन आत्महत्या का कारण नहीं बता सके हैं। कुशीनगर जिला के थाना बरवा पट्टी थाना क्षेत्र के गोबरहा गांव निवासी लालजी की आठ साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी।
लालजी की मौत के तीन साल बाद उसकी पत्नी सुनीता बेटे दुर्गेश, बेटी संगीता व सबसे छोटी 12 वर्षीय बेटी काजल को लेकर जिले आ गई। वह जुराखनखेड़ा में किराये का कमरा लेकर रहने लगी। यहां वह एक फैक्टरी में नौकरी कर परिवार का गुजारा करनेे लगी।
शनिवार को सुनीता बेटे दुर्गेश के साथ पैतृक गांव कुशीनगर चली गई। घर पर बड़ी बेटी संगीता व काजल थी। सोमवार सुबह संगीता पड़ोस की दुकान से कुछ सामान लेने चली गई। कुछ देर बाद घर लौटी तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से झांककर देखने पर काजल को किचन के जाल में लटका देखा।
शोर सुनकर मोहल्ले के लोगों ने धक्का देकर दरवाजा खोला और मां के साथ पुलिस को जानकारी दी। सुनीता व दुर्गेश पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव देख बिलख उठे। सुनीता ने बताया कि बेटी शेखपुर स्थित एक स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत की पुष्टि हुई है।