बेहटा मुजावर (उन्नाव)। सरकारी अस्पताल परिसर में घास की सफाई के दौरान दो श्रमिक कहीं से बोतल में स्प्रिट लेकर आए और साथ चले गए। शाम चार बजे फिर नशे में पहुंचे और शाम पांच बजे घर चले गए।
रात में दोनों की हालत बिगड़ी तो परिजन स्वास्थ्य केंद्र लेकर डॉक्टर ने एक को मृत घोषित कर दिया और दूसरे को लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में उसकी भी मौत हो गई।
मृतक के परिजनों ने जहरीली शराब पीने की बात कहते हुए थाने में तहरीर दी। जांच में पुलिस को पता चला कि उनके पास स्प्रिट की शीशी देखी गई थी। पैनल और वीडियोग्रॉफी से दोनों शव का पोस्टमार्टम कराया गया। हालांकि मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई। पुलिस विसरा की फॉरेसिक लैब में जांच कराएगी।।
बेहटामुजावर थानाक्षेत्र के गौरियाकला गांव निवासी कौशलेंद्र उर्फ बउवन (51) गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में घास की सफाई का काम करता था। पैर में चोट होने से गुरुवार को वह गांव के ही विजय कुमार (25), प्यारेलाल और रामखेलवान को पीएचसी परिसर में उगी घास को साफ कराने के लिए लेकर गया था।
प्यारेलाल के अनुसार कौशलेंद्र के हाथ में स्प्रिट की एक शीशी थी दोपहर को कौशलेंद्र और विजय कुमार काम करने के दौरान ही कहीं चले गए और करीब दो घंटे बाद चार बजे लौटे, करीब एक घंटे काम किया और पांच बजे घर चले गए। गुरुवार रात करीब दो बजे के बाद कौशलेंद्र और विजय कुमार की हालत बिगड़ गई।
परिजनों ने शुक्रवार सुबह तीन बजे बांगरमऊ सीएचसी लेकर गए जहां डॉक्टर ने कौशलेंद्र को मृत घोषित कर दिया और विजय की हालत गंभीर देख लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। परिजन लखनऊ ले जा रहे थे तभी रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। मृतक विजय की पत्नी बबली ने जहरीली शराब पीने से मौत का आरोप लगाया।
चंडीगढ़ में रहने वाले मृतक विजय के पिता हरिप्रसाद गांव पहुंचे और शवा का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत की सूचना से हड़कंप मच गया। एसडीएम रामदेव निषाद, थानाध्यक्ष फूल सिंह मृतकों के घर पहुंचे ओर जानकारी लेने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया।
पैनल में सीएचसी मौरावां के डॉ. अमन अहमद रिजवी और न्यू पीएचसी ब्योली इस्लामाबाद के डॉ. रमन कुमार ने वीडियोग्रॉफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। मौत की वजह स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित किया गया है। एसओ के अनुसार विसरा की फॉरेंसिक लैब से जांच कराई जाएगी।
एसडीएम रामदेव निषाद ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत का सही कारण स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित किए गए हैं। उसकी जांच कराई जाएगी। पीएचसी के डॉ. बृजनेश कुमार ने बताया कि रविवार को स्वास्थ्य मेला होना है। उसी से घास की निराई कराई जा रही थी। स्प्रिट स्टॉक में ही नहीं है वह पीने वाली बात गलत है।
आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह ने बताया कि जांच में अभी तक स्प्रिट पीने की बात सामने आई है। वहां लोगों ने स्प्रिट पीते देखा है और उसे लिखित में भी दिया है।
जिस स्वास्थ्य केंद्र में यह दोनों काम कर रहे थे उससे कुछ दूरी पर ही शराब ठेका संचालित है। ग्रामीणों का कहना है कि कौशलेंद्र तो रोजाना पीता था। लेकिन विजय कुमार कभी कभार ही पीता था। एक साथ दोनों की मौत से परिजन तो बेहाल हैं ही साथ ही ग्रामीणों में भी दहशत बनी हुई है। दोनों मौतों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आबकारी विभाग स्प्रिट पीने की बात कह रहा है। वहीं डॉक्टर को कहना है कि जब स्टॉक में ही स्प्रिट नहीं तो कैसे वह पी सकते हैं।
मृतक विजय कुमार पत्नी बबली और बच्चों में बेटी खुशी(5) और खुशबू (3) के साथ घर पर अकेला रहता था। छोटे भाई अर्जुन और दीपू पंजाब के लुधियाना में मां रामा और पिता हरिप्रसाद के साथ रहते थे। उसकी मौत से परिजन बेहाल हैं।
मृतक कौशलेंद्र अधिक शराब पीने का लती था। एक महीने पहले नशे की हालत में गिरने से दाहिने पैर की गांठ टूट गई थी। इससे उसे बैठने में परेशानी होती थी। इसी के चलते वह काम नहीं कर पा रहा था। शराब ने ही उसकी जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली। पति की मौत से पत्नी गुड्डी, बेटा शिवम, शोभित और बेटी सोनम बेहाल है।