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Unnao News: बस ओवरटेक करते समय डंपर में टकराई बाइक, दो दोस्तों की मौत

Mon, 13 Apr 2026 01:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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फतेहपुर चौरासी। हरदोई-उन्नाव मार्ग पर नारेखेड़ा पुलिया के पास बस को ओवरटेक करते समय सामने आ रहे डंपर से बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दो दोस्तों की मौत हो गई। हेलमेट न लगाए होने से सिर पर आई गंभीर चोट दोनों की मौत की वजह बनी। दोनों रविवार की सुबह लुधियाना से घर आए थे और मल्लावां में दोस्त की शादी समारोह में शामिल होने जाते समय हादसा हो गया।
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फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के सराय गांव निवासी संजीत (25), दर्शनखेड़ा निवासी शैलेंद्र (22) के साथ लुधियाना में मजदूरी करते थे। दोनों रविवार सुबह लुधियाना से घर लौटे थे और शाम 3:30 बजे हरदोई के मल्लावां निवासी दोस्त की शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाइक से निकले थे। उन्नाव-हरदोई मार्ग पर नारेखेड़ा पुलिया के पास पहुंचते ही बस को ओवरटेक करते समय बांगरमऊ से कालीमिट्टी की ओर आ रहे डंपर में बाइक सीधे भिड़ गई। घटना में दोनों गंभीर घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस एंबुलेंस से दोनों को सीएचसी फतेहपुर चौरासी लाई, यहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।



थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। डंपर कब्जे में है, घटना के बाद चालक भाग निकला, उसका पता लगाया जा रहा है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इंसेट-1



दोनों भाई-बहनों में सबसे बड़े थे



संजीत के पिता रामशंकर ने बताया कि दोनों हरदोई के मल्लावां में रहने वाले दोस्त के शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रामशंकर के मुताबिक दोनों में अच्छी दोस्ती थी। संजीत की मौत से मां फूलमती, पिता और अन्य भाई-बहन बेहाल हैं। संजीत छह भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। वहीं शैलेंद्र की मौत से मां विमला, पिता और अन्य परिजन बेहाल हैं। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था।







लुधियाना से खींच लाई मौत



हादसे में जान गंवाने वाले दो दोस्तों की मौत की घटना में परिजन शव देख बदहवास हो गए। मौजूद लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। परिजनों का कहना था कि अगर शादी में न जाना होता तो शायद दोनों बच्चे न आते। संजीत के पिता रामशंकर ने बताया कि दोनों बच्चों को अभी नहीं आना था। उन्होंने बाद में आने की बात कही थी लेकिन मल्लावां में रहने वाले इनके एक दोस्त की रविवार को शादी होने से दोनों दो दिन की छुट्टी लेकर आए थे।



दो दिन बाद वापस जाना था लुधियाना



दो दिन बाद फिर वापस जाना था लेकिन यह नहीं पता था कि वह अब हमेशा के लिए हम लोगों से दूर हो जाएंगे। पिता ने बताया कि बेटे संजीत से थोड़ी देर आराम करने के बाद जाने के लिए कहा गया था। अगर उसी समय वह बात मान लेता तो शायद यह घटना ही नहीं होती। पिता यह कहते हुए चीख पड़े कि दोनों को उनकी मौत लुधियाना से यहां खींच लाई।
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