दही चौकी के औद्योगिक क्षेत्र स्थित रुस्तम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और स्टैंडर्ड फ्रोजेन फूड्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में आयकर विभाग की टीम ने भोर पहर छापेमारी की।
इससे प्रबंधकों में अफरा तफरी मच गई। औद्योगिक क्षेत्र में सनसनी बनी रही। कई फैक्ट्रियों में आनन-फानन में ताले पड़ गए। जिम्मेदार भाग खड़े हुए। कई घंटे चले अभियान में प्रबंधन के बैंक अकाउंट, टर्नओवर व श्रमिकों के वेतन संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। इस दौरान खामियों की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। संदिग्ध दस्तावेजों को टीम ने जब्त कर लिया। देर शाम तक सर्च अभियान जारी रहा।
केंद्र सरकार ने चर्म इकाइयों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार सुबह करीब 3 बजे दिल्ली हाईकमान के निर्देश पर कानपुर, आगरा व दिल्ली आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बारह सदस्यीय टीम ने डीएम से संपर्क कर पुलिस फोर्स मांगा। पुलिस बल मिलने के बाद सुबह करीब 7 बजे 28 लग्जरी वाहनों का काफिला औद्योगिक क्षेत्र दही चौकी पहुंचा। आयकर अधिकारी दो ग्रुपों में बंट गए।
एक ग्रुप ने रुस्तम फूड्स प्राइवेट लि. में व दूसरे ग्रुप ने रुस्तम फूड्स के पीछे संचालित स्टैंडर्ड फ्रोजेन फूड्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लि. में छापेमारी शुरू की। इससे फैक्ट्री मालिकों में हड़कंप मच गया। अधिकांश फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप कर श्रमिकों को बाहर कर दिया गया। दस्तावेज इधर उधर किए जाने लगे। दोपहर बाद जांच टीम ने रुस्तम फूड्स के गोदाम व श्रमिकों के आवासीय परिसर की सघन तलाशी ली।
इस दौरान जांच टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली हाईकमान के निर्देश पर चर्म इकाइयों के अलावा मालिकानों के घरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है। जांच में बैंक अकाउंट, फैक्ट्री मानकों व श्रमिकों को दी जाने वाली सहूलियतों के बारे में पड़ताल की गई। नोटबंदी के बाद लेनदेन में बड़े स्तर पर गड़बड़ी मिलने की बात कही गई। ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर अधिकारी आगे बढ़ गए। सुबह सात बजे शुरू हुई कार्रवाई शाम छह बजे तक जारी थी।