उन्नाव। जिला अस्पताल में सांस फूलने और पेट दर्द के साथ बुखार से इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत हो गई। वहीं शुक्रवार को इमरजेंसी वार्ड डायरिया, पेट दर्द और बुखार के मरीजों से फुल हो गया। हालत यह रही कि गैलरी में अतिरिक्त बेड डलवाने पड़े।
नवाबगंज की नंदनी (35) पत्नी रामलाल को गुरुवार को पेट और सांस लेने में तकलीफ हुई। परिजन आनन-फानन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं अचलगंज के भैसई की कमला देवी (86) को बुखार के साथ सीने में दर्द होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। वहीं शुक्रवार को इमरजेंसी वार्ड में डायरिया, पेट में मरोड़ और बुखार के मरीजों की भरमार रही। दोपहर तक हालत यह हो गई कि 30 बेड का इमरजेंसी वार्ड फुल हो गया। एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया। इसके बाद भी मरीज बढ़ने पर गैलरी में दो अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी सेलेक्ट्रा मशीन में गुरुवार को तकनीकी खराबी आ गई थी। इससे किडनी और लीवर के साथ लिपिड प्रोफाइल जांच नहीं हो पाई। इंजीनियरों ने प्रयास किया लेकिन शुक्रवार को भी मशीन का संचालन नहीं हो सका। इससे जांच के लिए पहुंचे 120 मरीजों के सैंपल नहीं लिए गए। मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं जरुरतमंद मरीजों ने निजी पैथोलॉजी से महंगे दामों में जांच कराई। पैथोलाजिस्ट विनीत वर्मा ने बताया कि इंजीनियर को बुलाया गया है। मशीन का पंप खराब हो गया है। शनिवार को मशीन संचालन की उम्मीद है।