फतेहपुर चौरासी आईटीआई को मान्यता मिलने के करीब ढाई दशक बीतने के बाद भी अभी अध्ययन-अध्यापन का इंतजार है। मौजूदा समय में यहां शिक्षण कार्य शुरू होने में आ रही सभी असुविधाओं के दूर होने के बाद भी अभी तक शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
जबकि जिले के नोडल अफसर से लेकर मंत्री तक इसे जल्द शुरू करने के दावे कर चुके हैं वहीं इसकी भूमि को लेकर कोर्ट में चल रहे मामले में फैसला भी आईटीआई के पक्ष में आ चुका है। वहीं विभागीय अधिकारियों ने प्रशिक्षण जल्द शुरू किए जाने की बात कही है।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) काली मिट्टी फतेहपुर चौरासी के संचालन के लिए सन 1988-89 में अनुमति प्राप्त हो गई थी। यहां पर इमारत के अभाव में इसका संचालन उन्नाव स्थित आईटीआई भवन में किया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय छात्र-छात्राओं को इसमें प्रशिक्षण प्राप्त करने में असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
फतेहपुर चौरासी स्थित आईटीआई में मौजूदा समय में शिक्षण कार्य शुरू कराने में आ रही सभी असुविधाओं को दूर कर लिया गया है। इसके अलावा यहां बने भवन के पास की भूमि को लेकर चल रहे विवाद में भी कोर्ट ने आईटीआई के पक्ष में फैसला दे दिया है।
फैसला आने के बाद जिलाधिकारी ने भी भवन के चारों ओर चहारदीवारी बनाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। वहीं बीते दिनों आईटीआई उन्नाव का निरीक्षण करने पहुंचे जिले के नोडल अफसर धीरज साहू ने फतेहपुर चौरासी की आईटीआई को जुलाई-15 में शुरू करने के आदेश दिए थे। फिर भी कुछ नहीं हुआ।