इस साल भी विकासखंड का एकलौता पीसीएफ का गेहूं क्रय केंद्र बांगरमऊ-संडीला मार्ग पर ग्राम गोशाकुतुब में स्थापित किया गया है, जो कटरी इलाके से करीब 40 किमी दूर है। अधिक दूरी होने के कारण कटरी के किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा। इस पर संशय बना है। ऐसी स्थिति मेें किसान बाजारों में औने पौने दामों में अपनी कृषि उपज बेचने को विवश हो जाएंगे।
इस बार सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए गेहूं खरीद के लिए प्रति क्विंटल 75 रुपये बढ़ोत्तरी करके 1625 रुपये समर्थन मूल्य घोषित किया है, लेकिन गत वर्षों की भांति इस बार भी गंजमुरादाबाद विकासखंड का गेहूं क्रय केंद्र बांगरमऊ-संडीला मार्ग पर ग्राम गोशाकुतुब में स्थापित किया गया है। यह कटरी इलाके के गांव भिखारीपुर पतसिया, सिरधरपुर, बल्लापुर, कुशराजपुर, बेहटाकच्छ, आलमऊ सराय, मेलाराम कुंवर, खैरहन, दारापुर, दरियापुर, जसरापुर व जाफ राबाद आदि गांवों से लगभग 35 से 40 किमी दूर है।
यहां तक कस्बा मुख्यालय से भी यह केंद्र करीब 25 किमी दूरी पर है। अधिक दूरी होने के कारण नगर व कटरी इलाके के किसानों को इतनी दूर अपनी कृषि उपज बेच पाना मुश्किल होगा। ऐसी स्थिति में किसानों को सरकारी योजना का लाभ मिल पाना टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। कटरी के रामस्वरूप, अरविंद सिंह, रामऔतार निषाद, श्रीकांत, सुनील दीक्षित, बबलू यादव व रामबाबू आदि किसानों ने बताया कि अधिक दूरी होने के कारण पिछले वर्ष भी वह अपनी कृषि उपज गेहूं क्रय केंद्र में न बेचकर औने पौने दामों में बाजार में ही बेचने को विवश हो गए थे। जिससे उन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका था। इस बार भी उन्हें इस समस्या से जूझना पड़ेगा।
नहीं हुई बोहनी
गोशाकुतुब में स्थापित किए गए पीसीएफ के गेहूं क्रय केंद्र में अभी तक गेहूं की आवक आरंभ नहीं हो सकी है। जिससे अभी यहां पूरी तरह से सन्नाटा पसरा है। केंद्र प्रभारी मंजेश कुमार ने बताया कि गेहूं की अभी कटाई चालू की गई है। मड़ाई आदि में अभी एक पखवारे का समय लग सकता है। तभी गेहूं की खरीद शुरू हो सकेगी।