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Unnao News: परिषदीय स्कूलों के शौचालय बदहाल, कहीं अधूरे, तो कहीं बने ही नहीं

Sat, 02 Dec 2023 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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परिषदीय स्कूलों के शौचालय बदहाल, कहीं अधूरे, तो कहीं बने ही नहीं

कायाकल्प का भी नहीं दिखा असर, बजट का अभाव बता रहे जिम्मेदार

घटिया सामग्री का प्रयोग होने से कई बनने के बाद ही हुए खराब

संवाद न्यूज एजेंसी

उन्नाव। परिषदीय स्कूलों में यूं तो सारे इंतजाम ही बदहाल हैं। लेकिन शौचालयों की व्यवस्था और भी दयनीय है। अधिकांश स्कूलों में शौचालय जर्जर अवस्था में पड़े हुए हैं। कहीं अधूरे बनाकर ही छोड़ दिए गए। विभागीय अधिकारी बजट आने के बाद इसमें काम करवाने की बात कह रहे हैं। जो शौचालय बनवाए भी गए वह समय सीमा से पहले ही टूट गए। इससे यह साफ जाहिर होता है कि घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। ऐसे में सही से जांच कराई जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है।

स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं विशेषकर शौचालय और शुद्ध पानी के लिए सरकार लगातार फोकस कर रही है। लेकिन यह व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों पर और जूम मीटिंग तक ही सीमित हैं। हकीकत देखी जाए तो कुछ और ही है। जिले में कुल 2709 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इसमें 1883 प्राइमरी, 375 कंपोजिट और 451 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इन सभी में शौचालय के साथ शुद्ध पानी की व्यवस्था होनी है। स्कूल अच्छा दिखे इसके लिए सरकार कायाकल्प योजना भी चला रही है। लेकिन हकीकत देखी जाए तो कुछ और ही है। शुक्रवार को कुछ स्कूलों में बने शौचालयों को दिखवाया गया तो अलग ही नजारा दिखा। शौचालय को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो छात्रों के 98.71 और छात्राओं के 99.19 प्रतिशत स्कूलोंं में शौचालय का काम पूरा हो चुका है।
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यह है शौचालयों की स्थिति

असोह ब्लॉक के पाठकपुर गांव में संचालित कन्या पूर्व माध्यमिक स्कूल का शौचालय अधूरा मिला। बजट के अभाव में काम रोक दिया गया है। यही हाल कंचनपुर उच्च प्राथमिक स्कूल में बने शौचालय का है। सभी अधूरे पड़े हैं। बीघापुर ब्लॉक क्षेत्र में बारा द्वितीय, आलमपुर, दैईता, दरियाबाद, जयराजमऊ, रायपुर द्वितीय, लालपुर में संचालित परिषदीय स्कूलों में शौचालय ही नहीं बनाए गए। पांडेयपुर और दरियाबाद में कन्या प्राथमिक और जूनियर संचालित है। वहां भी कायाकल्प से शौचालय नहीं बनाया गया। बीईओ शुचि गुप्ता ने बताया कि ग्राम प्रधान और सचिव से संपर्क करके शौचालय पूरे कराने के प्रयास चल रहे हैं।
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सिंकदरपुर कर्ण ब्लॉक के कुल 173 स्कूलों में 11 ऐसे स्कूल हैं जहां शौचालय या तो नहीं बना है या फिर अधूरा पड़ा है।

सुमेरपुर ब्लॉक के दो स्कूलों में शौचालय ही नहीं बना है। बीईओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि बजट के अभाव में शौचालय नहीं बन पाया है। प्रयास जारी हैं।

सफीपुर ब्लॉक के 153 स्कूलों में सफीपुर, रहीमाबाद, महापरापुर, लहबरपुर, किशनपुर टड़वा में काम चल रहा है। शेरपुरखुर्द स्कूल जर्जर होने से 4 दिसंबर को नीलामी लगी है। पीखी और गुरधरी में जल्द काम शुरू होगा। बिछिया ब्लाक के परिषदीय स्कूलों में दिव्यांग छात्रों के लिए बनने वाले 30 शौचालय अधूरे पड़े हैं।
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