असोहा। सफाई के काम में की गई लापरवाही छिपाने के लिए नहर विभाग ने माइनर में पानी ही बंद कर दिया। इससे बाकी किसानों के सामने सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई है।
ब्लाक क्षेत्र के शारदा नहर की पुरवा ब्रांच से निकली मिर्जापुर सुंभारी माइनर को नहर विभाग के अधिकारियों ने हेड पर से ही बंद करा दिया। इससे मिर्जापुर सुंभारी, सुंभारी खुर्द, मंगतखेड़ा, लंगरपुर, ऊंचगांव किला, मझखोरिया समेत अन्य गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा।
सूत्रों के मुताबिक, रजबहों और माइनरों की सफाई में अधिकारी अंत में पड़ने वाले टेलगुल (अंत का भाग ) की सफाई का प्रस्ताव नहीं बनाते, इससे ठेकेदार निर्धारित दूरी तक ही सफाई कराते हैं और अंत का लगभग एक से दो किलोमीटर हिस्सा साफ नहीं हो पाता। पानी आगे न जाने से माइनर ओवरफ्लो हो जाती है और पानी खेत में भरने से फसलें जलमग्न हो जाती हैं।
गुरुवार को मंगतखेड़ा-बैगांव माइनर ओवरफ्लो होने से 70 बीघा फसल पानी में डूब गई थी। अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया। ठेकेदार धुन्नर प्रसाद ने बताया की जितना टेंडर हुआ था उतनी सफाई करा दी गई है। टेलगुल का कोई प्रस्ताव नहीं बना था। नहर विभाग के एसडीओ सार्थक यादव ने बताया कि माइनर की सफाई के दो भाग होते हैं। एक टेल तक, जिसको नहर विभाग साफ कराता है, दूसरा टेलगुल तक, जिसको ग्राम प्रधान या किसान स्वयं साफ कराते हैं। टेलगुल की सफाई न होने से किसानों को समस्या होती है।