लखनऊ-कानपुर हाईवे पर आए दिन जाम से निजात दिलाने के लिए सोमवार को बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया। रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय से जवाब जवाब तलब करने के बाद हरकत में आई प्रशासनिक मशीनरी अभियान के पहले दिन गदनखेड़ा बाइपास चौराहा, रायबरेली रोड और कानपुर रोड पर बुलडोजर चला अवैध कब्जे हटवाए। शुरूआत में कुछ स्थानों पर लोगों ने नारेबाजी कर अभियान का विरोध किया, लेकिन डीएम और एसपी के पहुंचते ही लोगों को पीछे हटना पड़ा। डीएम ने कानपुर रूट पर जाजमऊ तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।
बताते चलें कि शनिवार देर रात हाईवे पर मौरंग लदा ट्रक पलटने से जाम लग गया था। लगभग सात घंटे तक जाम में सैफई जाते और लौटते समय कई वीआईपी वाहन फंस गए थे। यह मामला सीएम दफ्तर तक पहुंच गया था। इस बाबत देर रात मुख्यमंत्री कार्यालय से डीएम से जवाब-तलब किया गया। डीएम ने तत्काल अफसरों को बुलाकर हाईवे पर अतिक्रमण अभियान चलाने को कहा था। गदनखेड़ा बाईपास चौराहे पर करीब 11 बजे लावलश्कर के साथ पहुंचे प्रशासनिक अमले ने सड़क घेरकर रखी गई दुकानों पर बुलडोजर चलाना शुरू किया। इससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन सभी अपना सामान समेटने लगे। जिन लोगों ने अतिक्रमण हटाने के लिए समय मांगा उन्हें अधिकारियों ने मोहलत दे दी। एक होटल के सामने सड़क तक बनाया गया चबूतरा और जनरेटर को हटा दिया गया। रायबरेली और लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सड़क के बीच से दोनो ओर 110 फीट की जद में आने वाले सभी स्थाई व अस्थाई निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान एक शराब ठेका को ढहाया गया। इसके अलावा चाय, पान और होटल हटाए गए। अभियान के दौरान डीएम सौम्या अग्रवाल, एसपी पवन कुमार, सीओ सिटी आरके सिंह, एनएचएआई के महेश कौशिक, तहसीलदार एसके राय मौजूद रहे।
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हटाए गए वाहन, बंद कराए गए शॉर्टकट
डीएम के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने हादसों का कारण बने हाईवे किनारे खड़े वाहनों को हटवाया और एनएचएआई के अधिकारियों ने डिवाईडर तोड़कर बनाए गए शार्टकट बंद कराए। डीएम ने टूटे डिवाईडरों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी महेश कौशिक ने बताया कि डिवाईडर की मरम्मत कराई जाएगी और दोबारा तोड़ने पर संबंधित होटल-ढाबा संचालक और पेट्रोलपंप संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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दुकानदारों ने सदर विधायक को मौके पर बुलाया
अभियान चलाने से पहले नोटिस न दिए जाने से नाराज दुकानदारों ने सदर विधायक पंकज गुप्ता से इसकी शिकायत की। जानकारी होने पर पहुंचे विधायक ने सीओ ट्रैफिक आरके सिंह से बात की और नोटिस न दिए जाने पर नाराजगी जताई। हालांकि सीओ का कहना था कि एक महीने पहले ही सभी दुकानदारों को नोटिस भेज दी गई थी। विधायक ने इस सबंध में डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया।