उन्नाव। विशेष न्यायालय पाॅक्सो एक्ट ने किशोरी से छेड़छाड के आठ साल पुराने मुकदमे में दोषी को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोषी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी चाचा ने 13 मई 2017 को सपियापुर के रेनू पर नाबालिग भतीजी के साथ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 12 सितंबर 2017 को बड़ी भतीजी की शादी का कार्यक्रम था। घर पर रिश्तेदार व परिजन रात्रि में शादी कार्यक्रम में व्यस्त थे। उसकी दूसरी नाबालिग भतीजी घर में सो रही थी। भीड़ का लाभ उठाकर आरोपी रेनू घर के अंदर घुस गया और उसकी भतीजी को बुरी नियत से हाथ पकड़कर ले जाने लगा। शोर मचाने पर जब अन्य लोग पहुंचे और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो वह भाग निकला। विवेचक तत्कालीन उपनिरीक्षक हनुमान प्रताप ने दोषी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमा लंबे समय से अपर सत्र न्यायालय द्वादश में विचाराधीन था। बुधवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह यादव ने दलील व साक्ष्य के आधार पर रेनू को दोषी मानते हुए तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
आर्म्स एक्ट में दोषियों पर लगा अर्थदंड
उन्नाव। आसीवन थाना पुलिस ने पांच नवंबर 2007 को क्षेत्र के मुन्नाखेड़ा निवासी रामकिशोर के कब्जे से बंदूक व दो कारतूस बरामद किए थे। बांगरमऊ पुलिस ने तीन मार्च 2011 को गणेशगंज निवासी पंकज को एक तमंचा के साथ पकड़ा था। माखी पुलिस ने 10 अगस्त 2016 को गांव निवासी शहंशाह आलम को एक तमंचा व दो कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तीनों दोषियों पर आर्म्स एक्ट की धारा में कार्रवाई कर जेल भेज दिया था। बुधवार को मुकदमों की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने रामकिशोर पर 1500 रुपये और पंकज व शहंशाह आलम पर एक, एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। उधर, बांगरमऊ पुलिस ने 17 अगस्त 2014 को टोला गांव निवासी ज्ञानेंद्र कुमार पर आबकारी अधिनियम, फतेहपुर चौरासी पुलिस ने दो अप्रैल 2011 को क्षेत्र के हफीजाबाद के दयाशंकर व पखरापुर गांव के शंकर लाल पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा में कार्रवाई की थी। इसी तरह सदर कोतवाली पुलिस ने 26 मार्च 2011 को क्षेत्र के रामनगर मोहल्ला निवासी शबाब आलम पर लापरवाही से वाहन चलाकर टक्कर मारने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। न्यायालय ने सभी मुकदमों की अंतिम सुनवाई में दोषियों को अर्थदंड से दंडित किया। (संवाद)