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Unnao News: दस साल में तीन करोड़ पौधे, आठ करोड़ खर्च, वन क्षेत्र सिर्फ 5.80 फीसदी

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उन्नाव। पिछले दस साल में जिले में तीन करोड़ पौधे रोपित किए जा चुके हैं। इस पर आठ करोड़ खर्च भी हो चुका है लेकिन इसके बाद भी जनपद का वन क्षेत्र मात्र 5.80 फीसदी ही है। जबकि राष्ट्रीय वन नीति के तहत 33 फीसद भूभाग वन क्षेत्र के रूप में ही आदर्श माना जाता है। इसका सीधा सा अर्थ है कि पौधरोपण तो हर साल हो रहा है लेकिन वन क्षेत्र नहीं बढ़ पा रहा है।
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जिले में हर साल लाखों पौधे रोपे जाते हैं, लेकिन रोपने के बाद देखरेख के अभाव में आधे से ज्यादा सूख जाते हैं। पौधरोपण के समय तो नेताओं से लेकर अधिकारी तक जोर-शोर से पौधे लगाते हैं और फोटो खिंचवाते हैं लेकिन इसके बाद देखभाल भूल जाते हैं। यही वजह रहती है कि रोपे गए पौधे पेड़ नहीं बन पाते हैं। कुछ सूख जाते हैं तो कुछ मवेशियों का चारा बन जाते हैं। शायद इसी कारण जिले में वन क्षेत्रफल उस गति से नहीं बढ़ रहा है जितना हर साल पौधरोपण का दावा किया जा रहा है। इससे साफ है कि कागज पर तो हरियाली बढ़ रही है लेकिन धरातल पर जमीन ऊसर-बंजर पड़ी है।
वन विभाग के आंकड़े खुद इसकी गवाही दे रहे हैं। वर्ष 2012 से शुरू हुए पौधरोपण में 2014 तक अकेले वन विभाग ने जिले में 1706239 पौधे रोपित किए जाने का दावा किया था। उस समय जिले का वन क्षेत्रफल 16409 हेक्टेअर था। 2015 से वन के साथ अन्य विभागों ने संयुक्त रूप से पौधरोपण शुरू किया। 2021 तक वन और अन्य विभागों से कुल मिलाकर 2.21 करोड़ से अधिक पौधे लगाए। इसमें वन विभाग ने 1.41 करोड़ और अन्य विभागों ने 79.25 लाख (2015 से) पौधे रोपने का रिकार्ड बनाया। आजादी के 75वें वर्ष 2022 में वृहद पौधरोपण अभियान चलाया गया। वन विभाग ने 5751081 और अन्य विभागों ने 5754714 पौधे लगाने का दावा किया। वहीं शनिवार को फिर से जोर-शोर से 5524272 पौधे रोपित करने की तैयारी की गई है। इसके अलावा 15 अगस्त को 1017948 पौधे लगाए जाने हैं। अब इनसे जिले का वन क्षेत्र कितना बढ़ता है यह भविष्य में देखनी वाली बात होगी।
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जिले में एक्सप्रेसवे, हाईवे और एलीवेटेड हाईवे बनाने के लिए हजारों पेड़ों पर आरा चला। इनमें सबसे ज्यादा पेड़ उन्नाव-रायबरेली (लालगंज) हाईवे बनाने के लिए काटे गए। निर्माण एजेंसी ने वन विभाग से 12426 पेड़ काटने की अनुमति ली। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे बनाने मेंं बाधक बन रहे 1966 पेड़ काटने की अनुमति अबतक ली जा चुकी है। कानपुर-लखनऊ के बीच बनने वाले एलीवेटेड हाईवे के लिए 291 पेड़ काटने की अनुमति ली गई है।
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