उन्नाव। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी सेलेक्ट्रा मशीन में फिर तकनीकी खराबी आ गई है। जिससे किडनी और लीवर के साथ लिपिड प्रोफाइल की जांच नहीं हो पा रही है। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गुरुवार को ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने के बाद करीब 90 मरीज जांच के लिए पहुंचे तो उनके सैंपल नहीं लिए गए। उन्हें शुक्रवार को आने की बात कहकर लौटा दिया गया।
जिला अस्पताल की ओपीडी में इस समय मरीजों की भीड़ हो रही है। रोजाना औसतन 900 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 100 से 150 पेट के मरीजों को डॉक्टर केएफटी और एलएफटी की जांच लिख रहे हैं। पैथोलॉजिस्ट की माने तो सेलेक्ट्रा मशीन से एक बार में 50 सैंपलों की जांच हो सकती है। अधिकतम 100 की जांच हो सकती है लेकिन इस समय रोजाना करीब 180 सैंपल किडनी और लीवर जांच के आ रहे हैं। सैंपलों की संख्या अधिक होने से तीन से चार बार मशीन चलानी पड़ रही है। मशीन की क्षमता के अनुसार काम अधिक होने से आए दिन खराब हो जाती है। गुरुवार को अचानक मशीन के पंप में खराबी आ गई। इससे जांच बंद हो गई। मरीजों से अगले दिन आने की बात कही गई। जरूरतमंद मरीजों ने महंगे दामों में निजी पैथोलॉजी से जांच कराई है।
पैथोलॉजिस्ट डॉ. विनीत कुमार वर्मा ने बताया कि सेलेक्ट्रा मशीन का पंप खराब होने से जांच बंद हो गई है। इंजीनियर को सूचना दे दी गई है। शुक्रवार को जांच सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी सेलेक्ट्रा मशीन दो महीने में चार बार खराब हो चुकी है। जून महीने में ही दो बार खराब हो चुकी है। इधर जुलाई में भी दो बार खराबी आ चुकी है। जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।