सौदेबाजों ने लॉलीपॉप दिखाया तो राजनीति के दुकानदारों ने तत्काल सौदा कर
लिया। पार्टी के एमएलसी प्रत्याशी ने पार्टी का बंटाधार कराने का प्रयास
किया है। एमएलसी सीट को साढ़े तीन करोड़ और लाल बत्ती के लालच में बेच दिया
गया। शुक्रवार को सांसद साक्षी महाराज ने एमएलसी सीट पर नाम वापस लेने
वाले पार्टी प्रत्याशी अनिरुद्ध सिंह चंदेल पर यह आरोप लगाए।
गदनखेड़ा
स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने लखनऊ-उन्नाव स्थानीय
प्राधिकारी क्षेत्र (एमएलसी) से नाम वापस लेने वाले पार्टी प्रत्याशी
अनिरुद्ध सिंह चंदेल को आड़े हाथों लिया। कहा कि जिन लोगों ने अनिरुद्ध को
टिकट दिलाया था क्या उन्हें उसका इतिहास नहीं पता था। कहा कि वह तो पहले से
ही टिकट देने के पक्ष में नहीं था, लेकिन जिले के ही कुछ विभीषणों (पार्टी
नेताओं) ने उसको टिकट दिला दिया। सांसद ने आरोप लगाते हुए कहा कि विभीषणों
ने ही सौदेबाजी कराकर नाम वापस करा दिया । सांसद ने कहा कि व्यक्ति बिका
है पार्टी नहीं। इससे पार्टी के बढ़ते जनाधार को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
सांसद ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेताओं से इस बारे में बात की है।
राष्ट्रीय नेतृत्व को जांच कराकर आरोपियों को पार्टी से बाहर कर देना
चाहिए। उन्होंने कहा कि जब वह उन्नाव चुनाव लड़ने आए थे तो सौदागरों ने
उन्हें भी खरीदने का प्रयास किया था। इस मौके पर सदर विधायक पंकज गुप्ता,
जिलाध्यक्ष श्रीकांत कटियार, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभान शंकर दीक्षित, आनंद
अवस्थी, अनुराग अवस्थी, रामचंद्र गुप्ता आदि भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता
उपस्थित रहे। साक्षी महाराज ने कहा कि यदि एमएलसी चुनाव वह लड़वाते तो
सामने वाले नामांकन भी नहीं करा पाते।
शुक्रवार को एमएलसी चुनाव
कार्यालय के उद्घाटन करने के सवाल पर सांसद ने कहा कि वह (अनिरुद्ध)
नामांकन कराने के बाद मेरे कार्यालय आया था और कार्यालय उद्घाटन करने का
आग्रह किया था, लेकिन क्या पता था कि लोगों ने एमएलसी की सीट का ही सौदा कर
लिया।
जिले के एक कद्दावर नेता ने दिलाया था टिकट
सांसद ने कहा
कि पार्टी के एक जिलास्तर के कद्दावर नेता ने अनिरुद्ध चंदेल को टिकट
दिलाया था। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष ने भी उनके नामांकन में शामिल होकर
समर्थन किया था। अब वह शीर्ष नेतृत्व से इस मामले की जांच कराने और उचित
कार्रवाई के लिए बात करेंगे।
राहुल को मां के साथ इटली लौट जाने की सलाह
सांसद
साक्षी महाराज से जेएनयू मामले में राहुल गांधी के वहां जाने के बारे में
उन्होंने कहा कि जेएनयू में अफजल के नारे लगे तो उसे हवा देने कुछ
कांग्रेसी ‘अफजल’ भी वहां पहुंच गए। उन्होंने कहा कि जो जेएनयू में हुआ वह
देश की नौ यूनिवर्सिटी में होेने वाला था। बोले, राहुल पर एफआईआर होना गलत
नहीं है। अब उन्हें अपनी मां के साथ इटली चले जाना चाहिए। सांसद ने कहा कि
देश में जो हो रहा है वह जनता सब जानती है।