उन्नाव। जिले में 50 साल पहले बने दो हजार से अधिक पुल और पुलिया की मजबूती परखने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से चार टीमें गठित की गईं हैं। शासन के आदेश पर इनकी जांच के बाद मरम्मत और निर्माण का निर्णय लिया जाएगा।
गुजरात में पिछले दिनों पुल का एक हिस्सा ढहने के बाद शासन ने प्रदेश में भी ऐसे पुलों की जांच कराने का निर्णय लिया है। शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने जिले में पांच दशक से अधिक पुराने पुलों की पड़ताल के लिए चार टीमें गठित कर दीं हैं। जिले में लोक निर्माण विभाग की ओर से तीन बड़े पुल बनाए गए हैं। इसके अलावा 60 से 200 मीटर लंबाई के आठ छोटे पुल हैं। 60 मीटर से कम लंबाई की पुलियों की संख्या करीब 2000 के आसपास है। इन पुलों की वर्तमान हालत क्या है इसको लेकर जल्द टीमें जांच शुरू करेंगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर इन पुलों के स्थान पर नए पुल का निर्माण होगा या इनकी मरम्मत कराई जाएगी, इसका फैसला किया जाएगा।
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कोट
50 साल पुराने पुलों का सर्वे कराने के आदेश शासन से मिले हैं। इसके लिए टीमें गठित कर दी गईं हैं। टीमों को जल्द जांच पूरी करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- हरदयाल अहिरवार अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
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यह हैं प्रमुख पुल और पुलिया
- दोस्तीनगर शारदा नहर पर बना पुल
- मंगतखेड़ा-सोहरामऊ मार्ग के किलोमीटर 13 पर स्थित सेतु
- हिलौली से भवानीगंज पिपरी दिरगजखेड़ा मार्ग स्थित सेतु
- पुरवा बीघापुर मार्ग के किलोमीटर छह पर स्थित सेतु।
-बरबटपुर से राजेपुर पतारी संपर्क मार्ग पर शारदा नहर पर पुल
- हिलौली के दिग्गजखेड़ा संपर्क मार्ग पर शारदा नहर पर बना पुल
- मंगतखेड़ा, कांथा, सोहरामऊ मार्ग पर बना पुल
- कालूखेड़ा कांथा मुसन्ना मार्ग पर बना पुल