बारिश और भीषण ठंड जनजीवन अस्त-व्यस्त है। लोग तो
किसी तरह आग तापकर और गर्म कपड़ों में लपेट कर ठंड से बचा रहे हैं लेकिन
पक्षियों और जानवरों के हाल बेहाल हैं।
शनिवार को पूरे दिन
सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। रुक-रुक हो रही बारिश से सरसों और आलू की फसल
को नुकसान की आशंका है। आलू की कच्ची फसल लगभग तैयार है। यदि मौसम में
सुधार न हुआ तो आलू की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।
तीन दिन से धूप
नहीं निकल रही है। कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। शनिवार की भोर
कई इलाकों में ठीकठाक बारिश हुई। इससे ठंड में और इजाफा हो गया।
गलन
ऐसी रही कि लोगों के हाथ-पैर सुन्न हो गए। दिन भर सूर्यदेव बादलों में
छिपे रहे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ दिन और ऐसा ही मौसम रहेगा।
आसमान में बादल छाए रहेंगे।
शनिवार को मौसम न खुलने से सरकारी
कार्यालयों के साथ ही प्रमुख चौराहों और बाजारों में सन्नाटा रहा। पूरे दिन
आग जलाकर लोग उसके आसपास दुबके रहे।
कड़ाके की ठंड लोगों के
साथ-साथ मवेशियों पर भी भारी पड़ने लगी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 18
डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।