उन्नाव। दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित रुस्तम फूड्स स्लाटर हाउस मुंबई जा रहे दो कंटेनरों में गाय का मांस होने का आरोप गलत साबित हुआ है। मथुरा लैब से आई सैंपल की जांच रिपोर्ट में मांस भैंस का होने की पुष्टि हुई है।
वहीं तीन दिन से फैक्टरी में खड़े दो कंटेनरों में लदा दो करोड़ का माल खराब होने की संभावना से फैक्टरी प्रबंधन परेशान है। पुलिस, हंगामा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कह रही है। मालूम हो कि रुस्तम फूड्स स्लाटर हाउस के बंगाल स्थित स्लाटर हाउस से मांस लेकर दो ट्रक कानपुर के लिए चले थे। बिहार होते हुए दोनों ट्रक गुरुवार रात उन्नाव स्थित फैक्टरी पहुंचे।
यहां से ड्राइवर बदलने के बाद शुक्रवार को माल कानपुर जाना था और इसके बाद मुंबई के रास्ते यूरोपीय देशों में भेजना था। वातानुकूलित दोनों कंटेनरों में 54 टन पैकेट बंद मांस था। उन्नाव पहुंचने पर शुक्रवार सुबह खुद को हिंदू संगठन का कार्यकर्ता बताने वाले कुछ लोग पहुंचे और कंटेनरों में गाय का मांस होने का दावा करते हुए हंगामा शुरू किया था। प्रदेश के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की तो प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सीओ सिटी सोनम सिंह ने कस्टम की आपत्ति के बावजूद कंटेनरों में लगी कस्टम की सील खुलवाई और तीन पशु चिकित्सकों से पैकेट बंद मांस की जांच कराई। उन्होंने मांस महिष वंशीय (भैंस या भैंसा) पशु का होने की पुष्टि की थी। लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोग नहीं माने। इसके बाद दोनों कंटेनरों से कुल छह सैंपल लेकर जांच के लिए मथुरा लैब भेजे गए। सोमवार को सैंपल की जांच रिपोर्ट आई, जिसमें मांस भैंस का होने की पुष्टि हुई है।
फैक्टरी के मैनेजर तनवीर ने बताया कि आए दिन कोई न कोई झूठे आरोप लगाकर परेशान करता रहता है। व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। बताया कि फैक्टरी से मांस विदेशों में निर्यात किया जाता है। चिंता ये है कि दोनों कंटेनरों में लदा करोड़ों का माल यूरोपीय देश पहुंचने तक खराब न हो जाए। एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन की ओर से तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।