हसनगंज (उन्नाव)। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर लकड़ी कारोबारी के मुनीम से हुई 14.98 लाख की लूट में शामिल मुख्य साजिशकर्ता के साथी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कानपुर के रामादेवी चौराहे के पास बस से उतरते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
लुटेरे की पहचान के लिए पुलिस टीम उसके पिता को साथ लेकर गई थी।
लकड़ी कारोबारी अशोक पाल और उनके साझेदार सैफी का मुनीम शोभित मिश्रा को लखनऊ से व्यापारी से बकाया 14.98 लाख रुपये लेकर आते समय मंगलवार को उसके ही ममेरे भाई ने साजिश रचकर लूट लिया था। पुलिस ने बुधवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर और लूट के 10.50 लाख रुपये व घटना में प्रयोग की गई एसयूवी बरामद करते हुए घटना का खुलासा किया था।
पीड़ित शोभित के ममेरे भाई और घटना की साजिश रचने वाले बेहटामुजावर थाना के रसूलपुर रूरी गांव निवासी नवीन बाजपेयी के साथ लूट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने वाले कानपुर बिधनू के गांव जामू निवासी कुलदीप सिंह पुलिस ने गुरुवार देर रात कानपुर के रामादेवी चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से लूट की रकम के 3.50 लाख रुपये और तमंचा-कारतूस भी बरामद हुआ है। हसनगंज कोतवाली प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि लूट के आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है।
घटना के बाद से ही मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर उसका पीछा कर रही पुलिस टीम ने कुलदीप का मध्य प्रदेश के सतना तक पीछा किया लेकिन वह हाथ नहीं लगा। उसने बांदा में नया सिमकार्ड लेकर उसे अपने मोबाइल में डाला था। उसे लगता था कि सिमकार्ड बदलने के बाद पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाएगी।
लेकिन पुलिस ने उसके मोबाइल को ट्रैक कर लिया था और उसमें जैसे ही नया सिम डाला उसकी भी लोकेशन पता कर ली। हालांकि कुलदीप ने अपना मोबाइल फोन ही बंद ही रखा, इससे पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई। बस से लौटते समय कुलदीप ने किसी से व्हाट्सएप कॉल करने के लिए घाटमपुर के पास मोबाइल का स्विच ऑन किया और पुलिस को उसकी नई लोकेशन मिल गई और पुलिस उस तक पहुंच गई।
एक्सप्रेसवे पर हुई लूट की घटना का 24 घंटे में खुलासा करने पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष राम धीरज यादव, संतोष विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष अयूब अली, हर्ष श्रीवास्तव, मनोज सोनी, मनीष सिंह, शोभित गुप्ता, विजय कश्यप, विजय यादव आदि ने सीओ संतोष सिंह को राम दरबार का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।