गंगाघाट थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने एसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसका पति नशे का आदी है। नशे के लिए वह घर पर बाहरी युगलजोड़ों को शरण देता है। नशे के लिए रुपयों की जरूरत पर वह आए दिन किसी न किसी को घर लाकर उससे शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता है।
महिला का आरोप है कि 24 अगस्त को उसका पति गंगाघाट थाने के एक सिपाही को अपने साथ घर पर लेकर आया और मीट पकाने की बात कही। पति व सिपाही कमरे में बैठकर शराब पीने लगे। शराब खत्म होने पर सिपाही ने पति को ठेके से और शराब लाने के रुपये दिए। आरोप है कि पति जैसे ही घर से निकला सिपाही ने बदनियती से महिला को दबोच लिया और दुष्कर्म का प्रयास किया।
वह चिल्लाकर कमरे से बाहर निकली तो इसी बीच पति शराब लेकर घर पहुंच गया। सिपाही को सबक सिखाने की जगह वह महिला को ही पीटने लगा और जबरन सिपाही से संबंध बनाने का दबाव बनाया। महिला के विरोध करने पर पति ने सिपाही की मदद से उसे कांच की दवा पिला दी। महिला के छटपटाने पर पति ने अपने साले को फोन कर बताया कि उसकी बहन ने कांच की दवा पी ली है। भाई घर पहुंचा तो सभी घर से भाग चुके थे।
किसी तरह भाई ने तड़प रही बहन को कानपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। महिला ने बताया कि इलाज के रुपये न होने पर नर्सिंगहोम संचालक ने उसे चलता कर दिया। किसी तरह वह एसपी कार्यालय तक पहुंची। महिला की आपबीती सुनकर एसपी ने सीओ सिटी रामअर्ज को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीओ रामअर्ज ने बताया कि घटना पूरी तरह संदिग्ध है। जांच की जा रही है।
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खाकी पर लगा आरोपी तो पुलिस ने बदली करवट
महिला अपराध की इस घटना में खाकी संलिप्तता देख पुलिस के उच्चाधिकारियों ने अपनों का बचाव शुरू किया है। घटना की जांच किए बिना सीओ ने मामले को संदिग्ध बता दिया। महिला ने बताया कि उसकी हालत ठीक नहीं है। उसे अक्सर खून की उल्टियां हो रही हैं। सही इलाज न हुआ तो उसकी जान भी जा सकती है। उसने घटना की जांच कर आरोपी पति व सिपाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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क्या बोले सीओ
सीओ सिटी रामअर्ज ने बताया कि घटना मेरे संज्ञान में है। महिला के आरोप पूरी तरह संदिग्ध दिख रहे हैं। हालांकि जांच शुरू कर दी है। तो सत्यता होगी उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि महिला के आरोप सही पाए गए तो सिपाही व उसके पति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।