पाटन (उन्नाव)। उन्नाव-लालगंज राजमार्ग एनएच 31 में लोकार्पण के पहले ही सीमेंटेड मार्ग में सुमेरपुर के पास करीब छह वर्ग फिट क्षेत्रफल में सड़क धंस गई है। जिसमें अनियंत्रित होकर दो दिनों में अलग-अलग बाइक पर सवार तीन लोग घायल हो चुके हैं। जानकारी होने पर जिम्मेदारों ने धसे वाले स्थान को डामर डालकर छुपाने के प्रयास किया।
उन्नाव से लालगंज तक पीएनसी संस्था द्वारा एनएच 31 के फोरलेन मार्ग का निर्माण कार्य किया जा रहा है। नवंबर माह तक निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने का समय था। जिसके बाद इसका लोकार्पण होना है। हालांकि लोकार्पण से पहले ही निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही के चलते हाई स्पीड फोरलेन मार्ग में सुमेरपुर मोड़ से पाटन की ओर करीब सौ मीटर की दूरी पर होटल गार्डन व्यू के सामने करीब चालीस वर्गफुट सीमेंटेड सड़क धंस गई है। दो दिनों में करीब छह इंच गहराई के धसे वाले स्थान पर रायबरेली निवासी बाइक सवार धर्मेश शुक्ला, रोहित सविता और कानपुर के रंजीत सविता गिरकर घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों की माने तो कई बाइक व कार सवार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने से बचे हैं। कार्यदायी संस्था की मनमानी का आलम यह है कि मार्ग पर आवागमन रोककर उसे ठीक करने के बजाय धंसाव छिपाने के लिए उस स्थान पर डामर डाल दिया गया। हालांकि डामर डाले जाने के बाद भी धसाव बढ़ता ही जा रहा है। समाजसेवी अशोक पांडेय व अरविंद बाजपेई ने इसे कार्यदायी संस्था की बड़ी लापरवाही बताते हुए सरकार से लोकार्पण के पूर्व गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की है। नगर पंचायत भगवंतनगर अध्यक्ष आशीष शुक्ला, मंडल अध्यक्ष आशीष बाबा, मंडल उपाध्यक्ष विनय बाजपेई व वीडी शुक्ला आदि ने कार्यदायी संस्था की लापरवाही को सरकार की बदनामी का कारण बताते हुए मुख्यमंत्री से जांच कराए जाने की मांग है।
एनएच 31 के डिपार्टमेंट मैनेजर अशोक तिवारी से लोकार्पण से पहले ही सड़क में कई जगह धंसने का कारण पूछा गया तो वह झल्लाहट भरे लहजे में बोले कि इससे आपको क्यों दर्द हो रहा है। 16 साल तक मेंटीनेंस की जिम्मेदारी हमारी है, हम देख लेंगे। दो दिनों में हुई दुर्घटनाओं में कई लोगों के चुटहिल होने के सवाल का जवाब देने के बजाए उन्होंने फोन काट दिया।