उन्नाव। कायाकल्प योजना की टीम सीएचसी का मूल्यांकन करने पहुंची। सफाई व्यवस्था सहित उपकरणों का रखरखाव, डॉक्टरों की कार्यशैली व मरीजों के उपचार की जानकारी ली। टीम के सदस्यों ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे।
कायाकल्प योजना की राज्य स्तरीय तीन सदस्यीय टीम ने डॉ. राजेश हर्षवर्द्धन के नेतृत्व में नवाबगंज सीएचसी का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने ओपीडी, महिला वार्ड, शौचालय की स्वच्छता, वस्तुओं का रखरखाव देखा। टीम ने लेबर रूम में सफाई व्यवस्था के साथ प्रतिदिन हो रहे प्रसव की संख्या, नवजात शिशु देखभाल, महिला वार्ड आदि की सेवाओं का निरीक्षण किया। ओपीडी, वार्ड, पैथोलॉजी, ऑपरेशन थियेटर, रेडियोलॉजी विभाग, इमरजेंसी सेवाओं, स्टोर रूम की भी गहनता से जांच की।
अपशिष्ट की जाने वाली सामग्री में शामिल सुई, सीरिंज, खून से सनी पट्टियां और अन्य संभावित संक्रामक सामग्री आदि के निस्तारण प्रक्रिया की सीएचसी प्रभारी से जानकारी ली, फिर बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन सेंटर भी देखा। टीम के सदस्यों को अस्पताल की सफाई व्यवस्था सही न मिलने के साथ बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन भी सही नहीं मिला। इस पर जिम्मेदार को फटकार भी लगाई। डॉ. राजेश हर्षवर्धन ने बताया कि कायाकल्प पुरस्कार योजना के तहत सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सफाई का टीम के साथ मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।