उन्नाव। प्रकृति ने एक बार फिर किसानों पर वज्रपात सा कर दिया। मंगलवार को बदले मौसम से हुई बारिश से उन किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं जिनके खेतों में अभी भी गेहूं के बोझ पड़े हैं। इस बारिश से गेहूं के बोझ भीग गए हैं। अब किसानों को दोबारा इन्हें सुखाने की कसरत करनी पड़ेगी।
सोमवार रात 1 बजे बारिश होने लगी। कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगीं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अभी भी जनपद में करीब 20 प्रतिशत गेहूं की फसल खेत में ही पड़ी है। यह बारिश ऐसे किसानों की मुश्किलें बढ़ा गई है जिनकी फसल अभी तक खेतों में पड़ी हुई है।
किसानों का कहना है कि खेतों में पड़े जो बोझ भीग गए हैं उन्हें दुबारा सुखाने का काम बढ़ गया है। अब इन बोझों को खुलवाकर पहले उन्हें सुखाना पड़ेगा। इसमें करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है। किसानों का कहना है कि चैत का माह शुरू हो चुका है लेकिन बारिश व आंधी कम होने का नाम नहीं ले रही है।