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Unnao News: मासूम से दुष्कर्म और हत्या से लोगों में भरे गुस्से को भांपने में चूक गई पुलिस

Sat, 28 Jun 2025 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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उन्नाव। छह साल की मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना में थाना पुलिस लोगों के गुस्से को भांप नहीं पाई। घटना का खुलासा और हत्यारोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार करने के बाद थाना पुलिस सब कुछ ठीक मान बैठी। यही चूक उसके लिए भारी पड़ गई और घंटों हंगामा व दो घंटे तक एक्सप्रेसवे पर जाम झेलना पड़ा। एक सिपाही हत्यारोपी के घर के बाहर एक भी होता तो आरोपी के परिजन गाली-गलौज की हिमाकत न कर पाते और मामला इतना न बढ़ता।
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पोस्टमार्टम के बाद जब शाम को पांच बजे बच्ची का शव गांव पहुंचा तो औरास थाना पुलिस भी पहुंच गई। चार दरोगा और 12 सिपाही गांव में थे। मृतका और हत्यारोपी के घर के बीच करीब 50 मीटर का फासला है। परिजन व ग्रामीण बच्ची के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए गांव के बाहर खेत की तरफ चले पूरा फोर्स भी साथ चल गया। इसी दौरान हत्यारोपी के परिवार की महिलाओं ने गालीगलौज की और इसकी जानकारी मिलते ही भीड़ के मन में दबा आक्रोश फूट पड़ा।
परिजन खेत से शव लेकर गांव लौटे और आरोपी के घर के बाहर हंगामा व पथराव किया। लेकिन पांच किलोमीटर दूर स्थित औरास थाने से और फोर्स नहीं पहुंच पाई। भीड़ शव को लेकर एक्सप्रेसवे की तरफ बढ़ी तब भी पुलिसकर्मी असहाय खड़े रहे। डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर भीड़ एक्सप्रेसवे पहुंच गई तब औरास थाना से और फोर्स पहुंची। इसके बाद हसनगंज, बेहटामुटावर, आसीवन और सफीपुर कोतवाली प्रभारी भी फोर्स के साथ पहुंच गए, लेकिन तबतक स्थितियां बदल चुकी थीं और मामले का पटाक्षेप करने में पुलिस को तीन घंटे लग गए।
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9 साल में पहली बार एक्सप्रेसवे पर जाम लगाने की घटना
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे नौ साल पहले बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद से अबतक कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी कि यह घंटों जाम रहा हो। ना ही क भी भीड़ ने एक्सप्रेसवे पर जाम लगाने की कोशिश की। लेकिन मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या की घटना में ऐसा जनाक्रोश पनपा कि भीड़ ने लगातार दो घंटे तक एक्सप्रेसवे पर जाम लगाया। यही नहीं भीड़ ने दोनों लेन जाम कर दीं। इसी का नतीजा रहा कि दोनों तरफ करीब 10-10 किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। इनमें वीआईपी, अधिकारी और एंबुलेंस भी शामिल रहीं।

आरोपी के दो महिलाओं से थे संबंध
औरास। थानाक्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या करने वाले आरोपी के दो महिलाओं से भी संबंध थे। महिलाओं ने उससे किनारा किया तो आरोपी ने बच्ची को शिकार बना लिया। यही नहीं आरोपी का छोटा भाई गांव की एक युवती को भगा ले जा चुका है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद गला दबाकर बच्ची की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने शनिवार को आरोपी को जेल भेज दिया।







आरोपी का पिता दो बार रह चुका है क्षेत्र पंचायत सदस्य



औरास। छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की आरोपी का पिता रामचंद्र क्षेत्र पंचायत सदस्य रहा है। वह दो बार बीडीसी रह चुका है। उधर, जांच में पता चला कि आरोपी अपने ननिहाल में रहता है। उसका पैतृक गांव थानाक्षेत्र की ही दूसरी ग्राम पंचायत में है। यह गांव उसकी मां का मायका है। उसकी मां के इकलौते भाई की मौत हो गई थी। अन्य कोई भाई बहन न होने से मां को मायके में जमीन मिली थी। इसी कारण पिता यहीं पर आकर बस गए थे। बच्ची और उसके परिवार के बीच काफी अच्छे पारिवारिक संबंध थे। उसका और मृतका बच्ची का गोड़ा आमने सामने है। ग्रामीणों ने सीओ को बताया है कि आरोपी के गोड़े में नशेबाजों का अड्डा लगता है। यहीं पर नशेबाजी, जुआं आदि होता है। सीओ ने इसे हटवाने की बात कही।



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गांव पहुंचे विधायक, मां ने पकड़े पैर



मोहान विधायक बृजेश रावत शनिवार को गांव पहुंचे और परिजनों से मिले। बच्ची की मां विधायक के पैर पकड़ लिए। बिलखते हुए कहा कि आरोपी को मार दो या हमको दे दो, हम मार देंगे। विधायक ने कहा कि सरकार आपके साथ है। आरोपी को कानून सख्त सजा देगा। बेटी को न्याय दिलाएंगे। परिवार की हर संभव मदद भी कराएंगे। ग्रामीणों ने एकस्वर में आरोपी को फांसी दिलाने की मांग की। उधर, शनिवार को भी पूरे दिन गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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घटनाक्रम



26 जून की रात आठ बजे छह साल की बच्ची लापता हो गई। परिजन तलाश करते रहे लेकिन नहीं मिली।



27 जून को सुबह छह बजे से पुलिस ने परिजनों के साथ मिलकर तलाश शुरू की।



-नौ घंटे तलाश के बाद दोपहर 2:30 बजे बच्ची का शव नहर में मिला। उसकी दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी।



-27 जून को ही रात नौ बजे पुलिस ने बच्ची की दुष्कर्म व हत्या के आरोपी चचेरे भाई रविशंकर को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया।



28 जून को पुलिस बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया और शाम चार बजे परिजन शव लेकर गांव पहुंचे।



-इसके बाद पांच बजे खेत में गड्डा खोदकर को शव को दफ्न करने जा रहे थे तभी गाली गलौज की सूचना मिली।



-शाम 5:20 बजे भीड़ ने हत्यारोपी के घर पर पथराव किया और बुलडोजर चलाने की मांग करने लगे।



-शाम 5:30 बजे शव लेकर भीड़ एक्सप्रेसवे की तरफ चल दी।



-शाम 6:00 बजे भीड़ एक्सप्रेसवे पर पहुंच गई और जाम लगा दिया।



-शाम 6:15 बजे औरास थाना पुलिस इसके बाद दस-दस मिनट के अंतराल में चार और थानों की फोर्स पहुंची।



-रात 8:00 बजे तक काफी समझाने के बाद पुलिस भीड़ को एक्सप्रेसवे से हटा पाई।



-रात 9:00 बजे तक समझाने के बाद परिजन शांत हुए और अपनी सात मांगे लिखकर दीं



-रात 9:20 बजे परिजन शव लेकर घर पहुंचे लेकिन रात में अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया
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