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छुट्टी के बाद खुले बैंकों ने दी लोगों को निराशा

Wed, 16 Nov 2016 12:03 AM IST
उन्न्ााव
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-शहर स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा में लगी लाइन। - फोटो : अमर उजाला
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सोमवार की बंदी में सरकार सभी बैंकों में भरपूर करेंसी पहुंचा देगी और मंगलवार को बैंक खुलने पर नोटों की किल्लत खत्म हो जाएगी जैसी बातों पर विश्वास कर बैंक पहुंचे लोगों को मायूसी ही हाथ लगी। लोगों को घंटों लाइन में लगने के बाद आधी धनराशि ही बदले में मिली। कहीं बैंक खुलने पर पुराने नोट न बदलने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। इससे लोगों का परेशानी हुई। पोस्ट आफिस में दोपहर बाद करेंसी खत्म हो गई। लगभग सभी एटीएम भी दगा दे गए। इससे लोग हताश हुए। यह कल फिर से नोट बदलने की आस लेकर घरों को वापस लौट गए। हालांकि इन अव्यवस्थाओं के बाद भी बैंक अफसर जल्द ही स्थिति सामान्य होने की बात कहते रहे।
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सुबह साढे़ सात बजे
भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा
शहर की भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर नोट बदलने वालों की लाइन सुबह ही लगना शुरू हो गई। लोग इस आशा से बैंक पहुंचे कि अगर वह पहले से ही लाइन में लग जाएंगे तो उन्हें जल्दी नोट बदलकर मिल जाएंगे। ऐसा नहीं हो सका। अब्बास बाग निवासी दिनेश सोनी ने बताया कि वह कानपुर स्थित एक दुकान में काम करते हैं। सुबह बैंक पहुंच गए।  बैंक में लाइन काफी लंबी देख अधिकारियों ने सभी लोगों को पैसे मिल सकें इसके लिए हजार व पांच सौ के नोटों के बदले साढ़े चार की जगह ढाई हजार रुपये ही बदलने शुरू किए। इससे लोग परेशान हुए।

सुबह दस बजे
जिला सहकारी बैंक
फतेहपुर चौरासी स्थित जिला सहकारी बैंक में सैकड़ों की संख्या में लोग नोट बदलने के लिए लाइन में लगे हुए थे। बैंक खुलने पर अधिकारियों ने नोट बदलने को लेकर रिजर्व बैंक का आदेश बता कर असमर्थता जता दी। इससे लोगों में आक्रोश फैल गया। लाइन में लगे अमोल सिंह, सोबरन सिंह, गणेश शंकर मिश्रा, सुशील, मटरू ने बताया कि वह सुबह से ही बैंक में लाइन में लगे थे। बैंक अधिकारियों ने बताया कि अब इस बैंक में हजार व पांच के नोट नहीं लिए जाएंगे। इससे उन लोगों के होश उड़ गए।
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सुबह साढ़े ग्यारह बजे
बैंक आफ बड़ौदा  
शहर की बैंक आफ बड़ौदा में बैंक खुलने के बाद करेंसी बदलनी शुरू हुई। नोट बदलकर बैंक से निकल रहे लोगों के चेहरों पर मुस्कान दिखी।  साढ़े ग्यारह बजे बैंक में करेंसी खत्म हो गई।  इसकी जानकारी बैंक अधिकारियों ने दी तो लोगों में मायूसी छा गई। लोग अफसरों से करेंसी आने के समय की जानकारी लेते रहे। इन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।

 दोपहर एक बजे
प्रधान डाकघर

शहर के प्रधान डाकघर में पुराने नोटोें को बदलने के लिए लोगाें की लंबी-लंबी लाइनें लगी थीं। यह नोट बदलने के काउंटर खुलने का इंतजार कर रहे थे। वहीं अधिकारी कैश न मिलने की बात कह रहे थे। करीब एक बजे पोस्ट आफिस के अधिकारी कैश लेकर पहुंचे। शाखा में नोट बदलने के दो काउंटर शुरू किए गए। करीब तीन बजे तक ही लोगों के नोटों को बदला गया। इसके बाद यहां भी कैश खत्म हो गया।



शादी सिर पर, पैसे नहीं घर पर
हसनगंज स्थित बैंक  आफ  बड़ौदा में बेटी की शादी के लिए रुपये निकालने आए पिता ने बताया कि 21 नवंबर को घर मेें शादी है। जरूरत का सामान खरीदने को पैसे नहीं हैं। अवध ग्रामीण बैंक पहुंचे सुधाकर सिंह ने बताया कि उसने खाते में 62 हजार रुपये डाले थे। वह बैंक से रुपये निकालने को शुक्रवार से रोजाना आ रहे हैं। अभी तक रुपये नहीं मिल सके। वहीं एसबीआई में रुपये निकालने पहुंचे चांदपुर के शंकरलाल ने बताया कि 20 नवंबर को बेटी का तिलक लेकर जाना है। बैंक में पैसे होने के बाद भी मिल नहीं रहे हैं। ऐसे में वह बेटी की शादी कैसे कर पाएंगे।
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