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पड़ोसी ने ही की थी महिला की हत्या

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हसनगंज। हसनगंज के लालपुर गांव में महिला की हत्या में नामजद आरोपी पुलिस की जांच में बेगुनाह निकले। एकतरफा प्रेम में बाधक बनने पर पड़ोसी ने हत्या की थी। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया तो उसने सच कबूल दिया।
लालपुर गांव निवासी एनआरआई बाबूलाल की पत्नी रामदुलारी (40) की छह जनवरी की रात घर में घुसकर हमला कर दिया था। पास में सो रही रामदुलारी की मां जुगुनदेई ने विरोध किया तो उस पर भी हमलाकर घायल कर दिया था। दोनों को लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। वहां रामदुलारी की मौत हो गई थी। अपने बयान में जुगुनदेई ने मृतका के भतीजे अरुण को पहचान लेने का दावा किया था। विदेश (मसकट) से लौटे मृतका के पति ने भतीजे अरुण व रवि को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने नामजद आरोपियों के साथ उनके चार अन्य साथियों से पूछताछ कर उनके मोबाइल की लोकेशन व कॉल डिटेल खंगाली। पुलिस के अनुसार जांच में नामजद आरोपी घटना में शामिल नहीं पाए गए। इसके बाद आस-पड़ोस व गांव के 35 लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। मृतका के पड़ोस में रहने वाला बबलू राठौर पुलिस के शक के घेरे में आ गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सच कबूल दिया। बताया कि वह मृतका की नाबालिग बेटी से एकतरफा प्रेम करता था। किशोरी और उसकी मां विरोध करती थीं। छह जनवरी की रात वह किशोरी से मिलने पहुंचा। उसकी मां रामदुलारी के जाग जाने और विरोध करने पर डंडे से से वारकर उसकी हत्या कर दी। कोतवाली प्रभारी मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि घायल वृद्धा ने गलतफहमी में अरुण की पहचान की थी। जांच में पड़ोसी बबलू गुनहगार निकला है। बबलू के माता-पिता की 10 साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। आरोपी के चाल चलन से ऊबकर चार साल पहले पत्नी मायके चली गई थी। तब से लौटकर नहीं आई। आरोपी अपने सगे चाचा रामभरोसे के पास रहकर खेती करता है।
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उठ रहे खुलासे पर सवाल
पुलिस के खुलासे को ग्रामीण हजम नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार महिला के शरीर पर धारदार हथियार से हमला करने के निशान थे। पुलिस ने खुलासे में डंडे से हत्या किए जाने की बात कही है।
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