उन्नाव। जनपद में धान खरीद दम तोड़ गई। समयसीमा समाप्त होने के बाद लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 13 फीसदी ही खरीद हो पाई। पिछले तीन सालों में सबसे कम धान खरीद का रिकार्ड बना है।
मौसम की मार और एफसीआई प्रशासन की मनमानी से हालात खराब रहे। केंद्रों पर किसान नहीं पहुंचे। जिला प्रशासन की कवायदें भी किसानों को केन्द्रों तक नहीं खींच सकी।
जिले में एक अक्टूबर से धान खरीद शुरू हुई थी। खरीद का लक्ष्य 24 हजार मीट्रिक टन दिया गया था। किसानों को उनकी उपज बेचने के लिए ज्यादा दूर ना जाना पड़े इसके लिए शहर के शेखपुर नरी में मार्केटिंग विभाग, एफसीआई का दही चौकी स्थित गोदाम, सुमेरपुर के भगवंतनगर में विपणन शाखा, बीघापुर में पीसीएफ, हसनगंज के नवाबगंज में विपणन और बिचपरी में पीसीएफ, बांगरमऊ मंडीस्थल पर विपणन व पीसीएफ, गंजमुरादाबाद के मवईघनश्याम में पीसीएफ, फतेहपुर चौरासी के अब्दुल्लापुर में पीसीएफ व असोहा के सहरावां में पीसीएफ का सेंटर खोला गया था।
शनिवार को खरीद की समयसीमा समाप्त हो गई और मात्र 3055.29 मीट्रिक टन की ही खरीद हो सकी। हालांकि 31 जनवरी का आंकड़ा नहीं मिल पाया है, लेकिन विभागीय जानकार करीब-करीब इतनी ही खरीद की बात कह रहे हैं। जिला प्रशासन की किसानों को खरीद केंद्रों तक लाने की कवायद भी बेकार साबित हुई। केंद्र प्रभारी तक परेशान रहे। सुबह से शाम तक केवल किसानों का इंतजार ही करते रहे।
पिछले साल 4605.88 एमटी की हुई थी खरीद
2013-14 में जिले को 24000 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था। उस वर्ष 4605.88 एमटी की ही खरीद हुई थी।
2012-13 में 24 हजार 750 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था। खरीद के लिए 32 केंद्र खोले गए थे। बाद में लक्ष्य घटाकर 23 हजार 750 मीट्रिक टन कर दिया गया था। हालांकि दो साल पहले लक्ष्य कम होने के बाद भी विभाग मात्र 10 हजार 788 एमटी की ही खरीद कर सका था।