उन्नाव। जनसुनवाई पोर्टल पर आईं दो हजार से अधिक शिकायतों को समयसीमा के अंदर निस्तारित करने पर जनपद को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। इस पर शासन ने जिला प्रशासन को शाबासी दी है। जिलाधिकारी ने इसका श्रेय पुलिस, तहसील और ब्लाक के अधिकारियों को दिया है।
जिले में नवंबर माह में कुल 2185 शिकायतें आईं, जिनमें मुख्यमंत्री संदर्भित, आनलाइन संदर्भ, डीएम-एसपी, जनसेवा/लोकवाणी पीजी पोर्टल और संपूर्ण समाधान दिवस की शिकायतें शामिल हैं। ई-डिस्ट्रिक मैनेजर बृजेश कुमार ने बताया कि सभी शिकायतों के निस्तारण की समयसीमा 15 दिन होती है। वहीं कुछ ऐसी शिकायतें होती हैं, जिनके निस्तारण पर शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होता है। उस प्रकरण की दुबारा जांच कराई जाती है। इनके निस्तारण की समयसीमा भी 15 दिन की होती है। जिले में जो भी शिकायतें आईं उन्हें समयसीमा के अंदर निस्तारित कर लिया गया। आई शिकायतों के मूल्यांकन के लिए 95 नंबर का पूर्णांक रखा गया, जिसमें जिले को पूरे अंक मिले। सभी संदर्भों में अधिकतम अंक प्राप्त हुए।
इस पर जनपद ने प्रदेश के 75 जिलों में पहला स्थान पाया। जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि नवंबर माह में सभी शिकायतें समयबद्ध निस्तारित की गईं, जिस पर जनपद प्रदेश में अव्वल स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि जिले के सभी अधिकारियों का इसमें योगदान रहा। जिससे यह सफलता हासिल हुई है। डीएम ने सभी अधिकारियों से इस प्रकार शिकायतों के निस्तारण में सजगता बनाए रखने को कहा है। जिससे जनपद प्रदेश में नंबर एक बना रहे।