बांगरमऊ कोतवाली के सिपाही मोहम्मद यासीन और धीरज मंगलवार तड़के करीब तीन बजे बांगरमऊ-संडीला मार्ग पर गश्त कर रहे थे। शराब ठेके के पास कार खड़ी देख वे वहां पहुंचे और आवाज लगाई। इस पर कार में मौजूद बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। किसी तरह सिपाहियों ने खुद को बचाते हुए मोर्चा संभाला। फायरिंग रुकते ही सिपाहियों ने हिम्मत दिखाई और एक बदमाश को धर दबोचा।
कुछ देर बाद ही थाने से अतिरिक्त फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस जीप देख बदमाश एक मकान पर चढ़ गए और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। इससे गांव में दहशत फैल गई। पुलिस भी पीछे हट गई। इस पर वे भाग निकले। पकड़े गए बदमाश की पहचान 15 जून को कोर्ट लाकअप से भागने वाले ओमप्रकाश के रूप में हुई। उसने पूछताछ में बताया कि वे लोग कासिमपुर हरदोई से लूट की वारदात को अंजाम देकर लौट रहे थे।
उनकी गिरोह में बांगरमऊ का हिस्ट्रीशीटर एवं बीघापुर का एक युवक था। ग्रामीणोें की मानें तो जिस वक्त बदमाश फायरिंग कर रहे थे, उस समय पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। लेकिन, इनकी राइफलें जवाब दे गईं। इस वजह से बदमाश भाग निकले। हालांकि इस संबंध में एसओ बांगरमऊ प्रदीप यादव से पूछा गया तो उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया।