भतीजी को घर लेकर जा रहे चाचा की साइकिल खराब हो गई
तो उसने अजनबी युवक की साइकिल पर बैठाकर गांव भेज दिया। शुक्रवार की रात
बच्ची घर नहीं पहुंची तो खोजबीन की गई।
शनिवार दोपहर बच्ची का शव
गांव से करीब सात किमी दूर नहर में मिला। आशंका जताई जा रही कि बच्ची की
हत्या के बाद शव नहर में फेंक दिया गया। सदर कोतवाली पुलिस घटना की जांच कर
रही है।
अचलगंज थाना क्षेत्र के नेेवरना गांव निवासी संतोष कुमार
पांडेय मोहल्ला एबी नगर स्थित इंटर कालेज में चौकीदार है। संतोष के मुताबिक
शुक्रवार को उसका छोटा भाई अशोक घर आया था। शाम करीब चार बजे साइकिल से
उसकी सबसे छोटी बेटी गरिमा उर्फ गौरी (9) को साथ लेकर गांव नेवरना लौट रहा
था।
अशोक के मुताबिक रास्ते में हुसैन नगर के पास उसकी साइकिल का
टायर फट गया। वह साइकिल की मरम्मत करा रहा था तभी एक साइकिल सवार युवक
पहुंचा। बातचीत में उसने बताया कि वह नेवरना गांव के मजरा अजीत खेड़ा का
है।
अशोक के मुताबिक युवक ने गांव जाने की बात कही तो उसने भतीजी
गरिमा को उसकी साइकिल पर बैठा दिया और नेवरना पुलिस चौकी के पास उतार देने
को कहा। वह साइकिल ठीक कराने के बाद देर शाम नेवरना पुलिस चौकी पहुंचा तो
वहां भतीजी नहीं मिली। घर आकर पता किया तो गरिमा यहां भी नहीं थी।
काफी
देर तलाश करने के बाद भी नहीं मिली तो उसने बड़े भाई संतोष (मृतका के
पिता) को फोन से घटना की सूचना दी। काफी तलाश पर भी गरिमा का पता नहीं चला
तो पिता ने शनिवार को सदर कोतवाली में बच्ची के लापता होने की सूचना दी।
कुछ
देर बाद ही अचलगंज थाना क्षेत्र के दरियार खेड़ा और कोरारी कला के बीच
स्थित शारदा नहर पुल के पास बच्ची का शव मिलने की सूचना मिली। संतोष और
परिजन मौके पर पहुंचे और शिनाख्त की। बच्ची के मुंह से खून निकला था। शव की
हालत देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही है।
सदर कोतवाली प्रभारी
निरीक्षक परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि घटना की तफ्तीश चल रही है। बताया कि
पूछताछ के लिए मृतका चाचा अशोक को बुलाया था। बच्ची का शव मिलने की वजह से
वह कोतवाली नहीं आ सका। बताया कि अशोक से पूछताछ कर पूरी जानकारी की
जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।