उन्नाव। नवनिर्मित दोस्तीनगर बाईपास से यातायात शुरू करने के पहले पीडब्ल्यूडी ने भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए छह स्थानों पर हाइटगेज लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका मकसद हादसों पर अंकुश लगाना और शहर को जाम से बचाना है।
हरदोई मार्ग स्थित अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र से लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित दही चौकी तिराहा तक 9.5 किलोमीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा बाईपास मार्ग बनाने की घोषणा वर्ष 2016 में उन्नाव-शुक्लागंज फोरलेन मार्ग के लोकार्पण में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की थी। पहले नए प्रस्तावित बाईपास के क्षेत्र में वन विभाग की 7.5 हेक्टेयर जमीन का पेंच फंसने से लंबे समय तक मामला फाइलों में ही उलझा रहा था।
जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा बीघापुर में उपलब्ध कराई गई जमीन पर वन विभाग के सहमति जताने के बाद जुलाई 2024 में बाईपास निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। शासन द्वारा स्वीकृत 34 करोड़ के बजट से निर्माण तेजी से शुरू कराया गया था। वर्तमान में बाईपास का निर्माण लगभग पूरा होने वाला है। बारिश के चलते कुछ कार्य शेष रह गए हैं। ऐसे में अगले माह से बाईपास को लोगों के लिए खोलने की तैयारी है। हालांकि इसके पहले पीडब्ल्यूडी शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों की इंट्री प्रतिबंधित करने के लिए हाइटगेज लगाने को छह स्थान चिह्नित कर लिए हैं।
इंसेट-1
शहर में खत्म होगा जाम
वर्तमान समय में प्रतिदिन करीब पांच हजार वाहन अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय दोस्तीनगर के सामने से शहर के मोहल्ला दरोगाबाग, बाबूगंज पुल, मोतीनगर और आवास विकास कालोनी होते हुए लखनऊ कानपुर हाईवे आते-जाते हैं। शहर के अंदर से आवागमन होने के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। कई लोग दुर्घटनाओं में जान भी गवां चुके हैं। वहीं जाम भी लगता है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए बाईपास निर्माण कराया गया है।
इंसेट-2
यहां लगेंगे हाइटगेज
लखनऊ बाईपास, अचलगंज तिराहा, दरोगाबाग, अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र, दोस्तीनगर व लोकनगर।
वर्जन...
बाईपास खोलने के पहले हाइटगेज लगाना जरुरी है। इससे भारी वाहन शहर में नहीं आ सकेंगे। वैसे बाईपास का काम लगभग पूरा हो चुका है। प्रयास किया जा रहा है कि हाइटगेज लगाकर अगले माह इसे यातायात के लिए खोल दिया जाए। हाइटगेज निर्माण खंड लगवाएगा।
हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड।